Home Box Office‘बेटी भटक गई’, नीम करोली बाबा की फिल्म में फंड देने के लिए प्रोड्यूसर ने छोड़ी थी एप्पल की नौकरी, घबराए पिता – hanuman ansh producer anupriya nagar quit job to fund neem karoli baba movie father worried

‘बेटी भटक गई’, नीम करोली बाबा की फिल्म में फंड देने के लिए प्रोड्यूसर ने छोड़ी थी एप्पल की नौकरी, घबराए पिता – hanuman ansh producer anupriya nagar quit job to fund neem karoli baba movie father worried

by BollywoodNewsAndMovie


‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल तो मचा ही दिया है। फिल्म भारत में ऐतिहासिक बनकर उभरी है। फिल्म की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने हाल ही में बताया कि उनके पिता शुरू में खिलाफ थे कि वो नौकरी छोड़कर फिल्म बना रही हैं।

Hanuman ansh producer father panicked
हनुमान अंश की प्रोड्यूसर के पिता घबराए थे
जब ‘हनुमान अंश’ की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर, एप्पल में नौकरी के लिए इंटरव्यू का दूसरा राउंड पास नहीं कर पाईं, तो उन्हें शायद ही पता था कि एक दिन वह नीम करोली बाबा पर एक फिल्म बनाएंगी। नीम करोली बाबा वही आध्यात्मिक गुरु थे, जिनसे एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स प्रेरित थे। स्टीव जॉब्स के सफर के बारे में पढ़ते हुए, उन्हें पता चला कि उनके कई क्रिएटिव आइडिया उत्तराखंड के कैंची धाम में आए थे – यह एक ऐसा आध्यात्मिक स्थान है जो इन सम्मानित गुरु से जुड़ा है। बाद में अनुप्रिया ने इस जगह का दौरा किया और खुद भी उनकी भक्त बन गईं। आगे चलकर, उन्होंने विशाल चतुर्वेदी की ब्लॉकबस्टर भक्ति फिल्म ‘हनुमान अंश’ में सह-निर्माता के तौर पर निवेश किया। यह फिल्म नीम करोली बाबा की जीवनी (बायोपिक) है।

‘हनुमान अंश’ का शुरुआती बजट 1.5 करोड़ रुपये था। तीन निर्माताओं में से एक होने के नाते, अनुप्रिया नागर ने अपनी बचत से इस फिल्म में एक-तिहाई रकम, यानी 50-55 लाख रुपये लगाए। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अनुप्रिया ने बताया, ‘जब मैंने अपने माता-पिता को इस बारे में बताया, तो मेरे पिता को लगा कि ‘मेरी बेटी भटक गई है’।’

पहले नाराज हो गए थे अनुप्रिया के पिता

उन्होंने उस समय अपने पिता की सोच के बारे में कर्ली टेल्स से बताया, ‘मेरी बेटी ने UK में पढ़ाई की है, उसके पास इकोनॉमिक्स की डिग्री है, और ज्यूरिख में एक अच्छी नौकरी भी है। उसे तो उसी रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए था। लेकिन अब, वह सब कुछ छोड़कर अपनी जीवन भर की कमाई इस फिल्म में लगा रही है। मेरे पिता थोड़े चिंतित थे क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में हमारा कोई जान-पहचान वाला नहीं है।’

माता-पिता ने साथ देना शुरू किया

लेकिन जल्द ही उनके माता-पिता ने उनका साथ देना शुरू कर दिया। उन्होंने तो यहां तक कहा कि ‘हनुमान अंश’ को सिर्फ स्ट्रीमिंग पर रिलीज करने के बजाय सिनेमाघरों में रिलीज करना चाहिए, जबकि कई लोगों ने उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी थी। उन्होंने आगे कहा, ‘मैं सच कहूं तो, कई बार मुझे ऐसा लगा कि मैं इस इंडस्ट्री के लायक नहीं हूं। लेकिन मुझे पूरा यकीन था कि अगर फिल्म फ्लॉप भी हो जाती है, तो भी मुझे याद रहेगा कि मैंने इसे क्यों बनाया था, मुझे इस बात का कभी पछतावा नहीं होगा।’

अनुप्रिया नागर इस बात के लिए थीं श्योर

अनुप्रिया नागर का मानना ​​था कि भले ही ‘हनुमान अंश‘ सिनेमाघरों तक न पहुंच पाई हो, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा था कि इसे OTT पर जरूर देखा जाएगा—चाहे आज की पीढ़ी न देखे, पर 10 या 20 साल बाद की युवा पीढ़ी जरूर देखेगी। उन्होंने कहा, ‘मेरा हमेशा से यही सोचना था कि बच्चों को यह फिल्म देखनी चाहिए और आध्यात्मिकता से जुड़ना चाहिए।’

अनुप्रिया के पिता के लिए नहीं मिल रही थी सीट

‘हनुमान अंश’ के रिलीज होने के बाद के शुरुआती दो हफ़्तों में अनुप्रिया के पिता लंदन की यात्रा में व्यस्त थे, इसलिए वे फिल्म नहीं देख पाए। जब ​​वे भारत लौटे, तो उसी समय फिल्म की बॉक्स ऑफिस कमाई में चमत्कारिक उछाल आया। स्थिति यह थी कि अनुप्रिया मुंबई के किसी भी सिनेमाघर में अपने पिता के लिए एक भी सीट नहीं ढूंढ पाईं, क्योंकि सभी शो ‘हाउसफुल’ थे।

‘हनुमान अंश’ का बजट

2 करोड़ रुपये से भी कम के मामूली बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने अब अपने बजट से 225 गुना से ज़्यादा की कमाई कर ली है। यह फिल्म 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, लेकिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर अपने पहले हफ़्ते में यह मुश्किल से एक करोड़ रुपये से कुछ अधिक ही कमा पाई। दूसरे हफ़्ते में फिल्म दिखाने वाली स्क्रीन्स की संख्या भी घटकर 30 रह गई, जिससे इसकी कमाई केवल 70 लाख रुपये तक ही सीमित रह गई।

‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

हालांकि, तीसरे रविवार को फिल्म की कमाई में उछाल आया, जब ‘हनुमान अंश’ ने आखिरकार 1 करोड़ रुपये की दैनिक सीमा को पार कर लिया और 2.50 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके बाद, हर हफ्ते इसकी कमाई बढ़ती ही गई, जिससे यह हाल के समय की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली हिंदी फिल्म बन गई। सिनेमाघरों में रिलीज होने के 83 दिन बाद, और अभी तक किसी भी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज न होने के बावजूद, इस फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 452 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है।

कनिका सिंह

लेखक के बारे मेंकनिका सिंहकनिका सिंह नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में सीनियर डिजीटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital content producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की ‘एंटरटेनमेंट’ (Entertainment) टीम से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल जर्नलिज्म में उनका 7 साल लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम किया है। कनिका ने फरवरी 2022 में नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्‍होंने पिछले 4 साल में फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, फिल्म रिव्यू, ओपिनियन, रियलिटी शोज और सेलिब्रिटी इंटरव्यूज जैसे काम किए हैं। इसके अलावा, कनिका ने अपने करियर में हेल्थ, टेक्‍नोलॉजी और लाइफस्टाइल जैसी बीट पर भी काम किया है।

बड़ी फिल्मों के ट्रेलर की कॉपी तैयार करना हो, या ट्रेंडिंग खबरों से लेकर ब्रेकिंग पर काम करना हो, कम समय में कॉपी बनाकर पब्लिश करना कनिका की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- फिल्मों को लेकर चल रही हाइप और यूथ पर इसके असर की एनालिसिस कॉपी तैयार करना, वायरल ट्रेंड वाली खबरों पर काम करना, हर फिल्म पर अपने नजरिए से ओपिनियन लिखना, बिग बॉस शो को तीन महीने फॉलो करना और इस पर लगातार यूनिक कॉपी बनाना।

पत्रकारिता अनुभव: इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आउटपुट डेस्क और डिजिटल मीडिया में 7 साल से कार्यरत कनिका सिंह ने साल 2018 से VNR Digital media से करियर की शुरुआत की। फिर नवभारत टाइम्स के साथ फ्रीलांसर के तौर पर काम करते हुए बाद में बॉलीवुड शादीज डॉट कॉम में एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए काम किया। इसके बाद नवभारत टाइम्स से फिर से जुड़ने का मौका मिला, जहां करियर की लंबी पारी की शुरुआत हुई। कनिका ने साल 2019 में बाबू बनारसी दास यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली। इस दौरान, एंकरिंग से लेकर नुक्कड़ नाटक, पपेट्री शो, स्किट परफॉर्मेंस दी और स्किल्ड राइटिंग पर फोकस किया। इसके बाद 2021 में राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कन्युनिकेशन में मास्टर्स किया। 2018 में जर्नलिज्म में सिंघानिया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया।… और पढ़ें