‘आशिक बनाया आपने’ एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने हाल ही में बताया है कि बॉलीवुड में उम्र के हिसाब से कोई सीनियर नहीं होता और वो भी ऐसे किसी को सम्मान नहीं देतीं। एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें बहुत बलि का बकरा बनाया गया। यहां केवल शातिर लोगों को चलती है।
सोमवार को तनुश्री दत्ता ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने बॉलीवुड में अपने अनुभवों के बारे में बात की और अपने करियर के दौरान सीखी गई बातों पर चर्चा की। उन्होंने उस दौर को भी याद किया जब उनका करियर अपने चरम पर था। उस समय अपनी लोकप्रियता को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं एक बहुत बड़ी स्टार थी। हो सकता है कि मैं नंबर वन स्टार या सुपर-डुपर स्टार न रही होऊं, लेकिन मैं एक बहुत बड़ी स्टार जरूर थी।’
बॉलीवुड में उम्र के हिसाब से सीनियर नहीं होता’
‘ढोल’ फिल्म की एक्ट्रेस ने बॉलीवुड में सीनियरिटी (वरिष्ठता) की पारंपरिक सोच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ उम्र और टैलेंट से ही इंडस्ट्री में किसी का औधा तय नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘बॉलीवुड में उम्र के हिसाब से कोई सीनियर नहीं होता। जिसके सितारे बुलंद हों, वही सीनियर है। जिसकी फिल्म हिट हो जाए, वही स्टार है।’
तनुश्री को बलि का बकरा बनाया
तनुश्री ने फिल्म सेट के एक अनुभव को भी याद किया, जब उन्हें लगा कि वह विवाद का शिकार बन गई हैं। उन्होंने दावा किया कि कई लोग एकजुट हो गए और उस समय सेट पर सबसे बड़ी स्टार होने के बावजूद उन्हें बलि का बकरा बना दिया गया। पीछे मुड़कर देखने पर उन्होंने कहा कि वह स्ट्रीट स्मार्ट नहीं थीं और सफलता के शुरुआती सालों में इंडस्ट्री के तौर-तरीकों को पूरी तरह नहीं समझ पाई थीं।
बॉलीवुड में दिग्गज का मतलब शातिर
एक्ट्रेस ने अपनी बात खत्म करते हुए लोगों से अपील की कि वे उम्र, दिखावट और बैकग्राउंड से आगे बढ़कर लोगों को उनके असली रूप में पहचानें। वीडियो के साथ तनुश्री ने कैप्शन में लिखा, ‘मुझे भी यही लगा कि उम्रदराज एक्टर है, कोई काम नहीं दे रहा, मदद कर देती हूं। लेकिन नहीं, बॉलीवुड में ‘दिग्गज’ का मतलब है शातिर-दिमाग मंझा हुआ खिलाड़ी जो घाट-घाट का पानी पीकर सारी चालबाजी सीख चुका है, जिसको सारी मीडिया और पब्लिक मैनिपुलेशन आती है।’
ताकि वे अपने अपराधों और असली चरित्र को छुपा सकें। ये है अनुभवी की वास्तविक दुनिया की परिभाषा। कभी भी किसी व्यक्ति पर केवल उसकी उम्र देखकर भरोसा न करें। युवाओं के प्रति बहुत ही गहरे और नापाक इरादे रखने वाले इनमें से कुछ बहुत बुरे और नकारात्मक लोग अनुभवी श्रेणी में हैं। बॉलीवुड ने इस घटना को बार-बार देखा है।
तनुश्री दत्ता, एक्ट्रेस
राक्षस भी अनुभवी हैं- तनुश्री दत्ता
तनुश्री ने आगे कहा, ‘उन्हें आत्मा के रूप में देखें। यह दुनिया हम जैसे लोगों द्वारा बनाई गई है और शिष्टाचार का मुखौटा पहने हुए लोगों द्वारा नष्ट की गई है। आत्मा और दिव्यता को पहचानें। राक्षस भी अनुभवी हैं!! वे मनुष्यों से भी पुराने हैं। जी हां, राक्षस प्राचीन प्राणी हैं। इसलिए वे अनुभवी दुष्ट हैं, यानी वे लंबे समय से बुराई करते आ रहे हैं। कुछ मनुष्य राक्षसों और दानवों के अवतार हैं जो मानवता को गुमराह करने के लिए भेजे गए हैं। मैंने एक बड़ा सबक सीखा। आज मैं चरित्र के हिसाब से सम्मान देती हूं, उम्र के अनुसार नहीं।’