लगभग 35 साल पहले की एक साहसिक कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। 1991 में अतुल निगम नाम के व्यक्ति ने अपने बॉस द्वारा पांच सप्ताह की छुट्टी देने से इनकार करने पर नौकरी छोड़ दी और ब्राजील की यात्रा पर निकल पड़े। उस समय उनके पास पैसे कम थे, घर का लोन चल रहा था और दो छोटे बच्चे भी थे। उन्होंने हाल ही में इंस्टाग्राम पर यह अनुभव साझा किया, जो लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @atulunfiltered23 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। उन्होंने बताया कि रोटरी के ग्रुप स्टडी एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए उन्होंने आवेदन किया था। पहली बार रिजेक्ट हो गए, लेकिन दूसरी बार चयनित हो गए। यह मौका जिंदगी में एक बार मिलने वाला था। कार्यक्रम में एक हफ्ता लंदन में पुर्तगाली भाषा सीखनी थी और फिर चार हफ्ते ब्राजील के चार परिवारों के साथ रहना था। सारा खर्च प्रोग्राम द्वारा वहन किया गया था। सिर्फ नौकरी की कीमत चुकानी थी।
बॉस को थमाया रिज़ाइन
अतुल निगम ने याद करते हुए कहा, “पहली बार रिजेक्ट हो गया। लेकिन जब दूसरी बार चयनित हुआ तो ब्राजील जाने का सपना टूटने वाला था। मेरे बॉस ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया।” पांच हफ्ते की छुट्टी की जरूरत थी, जो बॉस ने मंजूर नहीं की। उनके सामने दो विकल्प थे या तो इस लाइफटाइम अवसर को छोड़ दें या नौकरी छोड़ दें। उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। उन्होंने कहा, “दुनिया घूमने के लिए पैसे की जरूरत नहीं होती। असल में जरूरत होती है जुनून और साहस की। 1991 में मेरे पास पैसे कम थे, घर का लोन था और परिवार की जिम्मेदारी भी। फिर भी मैंने ब्राजील जाने के लिए नौकरी छोड़ दी। मुझे पता है यह पागलपन लगता है, लेकिन सुनो।”
यात्रा का अनुभव
नौकरी छोड़नेके बाद निगम लंदन गए जहां एक हफ्ता पुर्तगाली भाषा सीखी। इसके बाद ब्राजील पहुंचे और चार अलग-अलग परिवारों के साथ चार हफ्ते बिताए। उन्होंने बताया, “पांच हफ्तों में मैंने ब्राजील के कुछ सबसे अद्भुत स्थानों का अनुभव किया।” यह यात्रा पूरी तरह खर्च-मुक्त थी। लौटने पर उन्हें डर था कि नौकरी वापस मिलेगी या नहीं।
बॉस का सरप्राइज
भारत लौटने पर उनके बॉस ने फोन किया और कहा, “मैंने तुम्हारा इस्तीफा आगे नहीं बढ़ाया। तुम अपनी नौकरी पर वापस आ सकते हो।” निगम के अनुसार, बॉस ने इस्तीफे का लेटर अपनी दराज में रख लिया था। उन्होंने कहा, “अगर मैंने साहस न जुटाया होता और इस्तीफा न दिया होता तो शायद मैं कभी ब्राजील न देख पाता।”
प्रेरणा देने वाली कहानी
अतुल निगम की इंस्टाग्राम बायो में लिखा है कि उन्होंने 32 देशों की यात्रा की है। उनका यह पोस्ट लोगों को प्रेरित कर रहा है। कई यूजर्स ने कमेंट किए कि ऐसी हिम्मत आज के समय में कम ही लोग दिखा पाते हैं। परिवार और वित्तीय जिम्मेदारियों के बावजूद सपने के पीछे भागना आसान नहीं। निगम का मानना है कि पैसा नहीं, बल्कि जुनून और साहस यात्रा के लिए जरूरी है। यह कहानी 1991 की है जब विदेशी यात्रा आज की तुलना में कहीं ज्यादा महंगी और दुर्लभ थी।
गौरतलब है कि, इससे पहले ऑफिस में नेपोटिज्म से आजिज शख्स ने भी अपने रिज़ाइन की स्टोरी शेयर की थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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