पिट्सबर्ग के सबसे प्रिय संगीतकार थे डॉनी
डॉनी आइरिस के परिवार और दोस्तों ने ‘पिट्सबर्ग पोस्ट-गजट’ को दिए एक आधिकारिक बयान में उनके निधन की जानकारी साझा की। उनके करीबी दोस्त ग्रुशेकी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि डॉनी पिट्सबर्ग के सबसे प्यारे संगीतकारों में से एक थे। उन्होंने कहा कि डॉनी जैसा व्यक्ति मिलना मुश्किल है, जिसे हर कोई इतना प्यार करता हो। उनके व्यक्तित्व में एक खास अपनापन था, जो उनकी स्टेज परफॉर्मेंस में भी साफ झलकता था।
उनके एक अन्य करीबी दोस्त और साथी मार्क एवसेक ने भी उन्हें याद करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने बताया कि अपनी बीमारी के बावजूद डॉनी संगीत के प्रति कितने समर्पित थे। एवसेक ने बताया कि कैंसर के फैलने और शारीरिक दर्द के बावजूद डॉनी का जुनून कम नहीं हुआ था। वे लोगों के बीच रहना और परफॉर्म करना चाहते थे, जो उनके संगीत के प्रति अटूट प्रेम को दर्शाता है।
संगीत की दुनिया में डॉनी आइरिस का सफर
डॉनी आइरिस का जन्म वर्ष 1943 में पिट्सबर्ग में हुआ था। संगीत के प्रति उनका लगाव बहुत कम उम्र में ही शुरू हो गया था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हाई स्कूल के दिनों में एक ‘डू-वॉप’ ग्रुप के साथ की थी। इसके बाद वे रॉक ‘एन’ रोल और आर एंड बी (R&B) कवर बैंड्स का हिस्सा बने।
वर्ष 1964 में वे ‘द जैगर्ज’ बैंड से जुड़े और 1969 में उन्होंने अपना पहला एल्बम ‘इंट्रोड्यूसिंग द जैगर्ज’ रिलीज किया। 70 के दशक में उन्होंने अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। डॉनी आइरिस को विशेष रूप से उनके हिट गानों ‘लव इज लाइक ए रॉक’ और ‘आह! लेह…’ के लिए जाना जाता है, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
