Prashant Kishor: जमुई मामले पर प्रशांत किशोर ने बिहार पुलिस को घेरते हुए कहा कि अगर वीडियो वायरल नहीं होता, तो सच किसी को पता ही नहीं चलता। यूजर्स द्वारा वीडियो शेयर करने के बाद ही सरकार जागी। अब अपनी फजीहत छुपाने के लिए पुलिस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सख्ती दिखाते हुए लोगों पर कार्रवाई और गिरफ्तारियां कर रही है।

प्रशांत किशोर ने सरकार को लपेटा
प्रशांत किशोर ने कहा, ‘अगर ये कुकृत्य करने वालों ने खुद से वीडियो बनाकर जारी नहीं किया होता तो आपको हमको पता भी नहीं चलता और पुलिस प्रशासन कोशिश क्या कर रहा है? एडीजी लॉ एंड ऑर्डर का मैंने बयान देखा कि जो लोग भी वीडियो चला रहे हैं उन पर कार्रवाई की जाएगी। अरे भाई वीडियो नहीं चलता तो समाज को पता कैसे चलता कि आप लोग शराब माफिया बालू माफिया को संरक्षण देकर समाज किस तरह का कुकृत्य करा रहे हैं? तो वीडियो चलाने वाले पर कार्रवाई होगी लेकिन इस तरह का क्राइम करने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी तो मोदी जी का नारा है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। हम कह रहे हैं कि मोदी जी का नया नारा है खुद से बेटी पढ़ाओ खुद से बेटी बचाओ सरकार कुछ नहीं करने वाली है।’
अगर ये कुकृत्य करने वालों ने खुद से वीडियो बनाकर जारी नहीं किया होता तो आपको हमको पता भी नहीं चलता और पुलिस प्रशासन कोशिश क्या कर रहा है?
प्रशांत किशोर
जमुई मामले में सोशल मीडिया यूजर पर शिकंजा
दरअसल, वायरल वीडियो के जरिए नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वालों पर भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। जमुई साइबर थाना में कांड संख्या 45/2026 दर्ज कर करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से तीन सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा कि अन्य चिन्हित प्रोफाइलों के खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से अपील की कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। उन्होंने कहा कि ऐसी सामग्री से पीड़ितों को मानसिक और सामाजिक नुकसान हो सकता है। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही गई है।
बिहार बीजेपी ने तेजस्वी को निशाने पर लिया
वहीं, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले के बाद राज्य सरकार की आलोचना करने पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी और विपक्ष के दूसरे नेताओं ने घटना का वायरल वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर करके खुद ही नाबालिग पीड़ितों की प्राइवेसी का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि जो भी पीड़ितों की पहचान उजागर करते हुए पाया जाएगा, सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
उन्होंने ने कहा कि घटना के सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने कहा है कि मुठभेड़ आरोपियों को पकड़ने के अभियान के दौरान हुई। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो को फैलाने में शामिल सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ अलग से कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों ने बार-बार जनता से अपील की है कि वे वीडियो या ऐसी कोई भी सामग्री शेयर या रीपोस्ट न करें जिससे नाबालिग पीड़ितों की पहचान हो सके। जमुई मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका के साथ-साथ वीडियो फैलाने की भी जांच कर रही है।

