सुबह आंख खुलते ही कई लोगों की आदत होती है कि वे फौरन बिस्तर छोड़कर बाथरूम या किचन की तरफ दौड़ पड़ते हैं. लेकिन कई बार पैर जमीन पर रखते ही सिर ऐसा भन्नाता है कि सामने रखी दीवार या दरवाजा पकड़ना पड़ जाता है. दो-चार सेकंड आंखों के आगे अंधेरा रहता है और फिर सब ठीक लगने लगता है.
अक्सर लोग इसे रात को अधूरी नींद, चाय न मिलने की तलब या खून की मामूली कमी समझकर टाल देते हैं. 40-50 की उम्र पार कर चुके लोग तो इसे बुढ़ापे की शुरुआत मानकर बैठ जाते हैं.
ShardaCare – Healthcity के सीनियर कंसल्टेंट (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. नीरज कुमार के मुताबिक, बिस्तर से उठते ही बार-बार चक्कर आने की शिकायत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ लोगों में इसकी वजह ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन हो सकती है.
बिस्तर से पैर नीचे रखते ही अचानक क्या होता है?
रातभर 7-8 घंटे जब हम करवट बदलकर सपाट सो रहे होते हैं, तो हमारा ब्लड सर्कुलेशन पूरे शरीर में एक जैसा चल रहा होता है. जैसे ही आप झटके से सीधे खड़े होते हैं, ग्रैविटी खून को नीचे पैरों और पेट की नसों की तरफ खींचती है.
एक नॉर्मल शरीर में दिल की धड़कन फौरन तेज होती है और नसें सिकुड़कर खून को वापस दिमाग की तरफ धकेल देती हैं. लेकिन जिन लोगों में यह नर्वस सिस्टम थोड़ा सुस्त होता है, वहां खड़े होते ही ब्लड प्रेशर अचानक गिर जाता है. डॉक्टरी भाषा में इसे ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन कहते हैं. दिमाग को कुछ सेकंड के लिए पूरी ऑक्सीजन नहीं मिलती और आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है.
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किन वजहों से सुबह यह परेशानी ज्यादा भड़कती है?
अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मामलों में सिर्फ लो बीपी ही नहीं, बल्कि कई दूसरी चीजें भी साथ में निकलती हैं:
रातभर की डिहाइड्रेशन: 7 घंटे तक पानी की एक बूंद पेट में न जाने से सुबह खून का वॉल्यूम थोड़ा कम रहता है, जिससे खड़े होते ही बीपी संभल नहीं पाता.
शुगर का फॉल होना: डायबिटीज के जो मरीज रात में हेवी डोज या इंसुलिन लेते हैं, सुबह 4 से 6 बजे के बीच उनकी शुगर अचानक डाउन हो जाती है. ऐसे में चक्कर के साथ ठंडा पसीना भी छूटने लगता है.
कान का बैलेंस बिगड़ना: कान के अंदर छोटे-छोटे क्रिस्टल होते हैं जो शरीर का संतुलन बनाते हैं. इनके अपनी जगह से हिलने पर भी गर्दन घुमाते ही तेज चक्कर आते हैं.
दवाइयों का साइड इफेक्ट: हाई बीपी और प्रोस्टेट के लिए ली जाने वाली दवाएं रात के वक्त नसों को ज्यादा रिलैक्स कर देती हैं, जिससे सुबह उठते ही बीपी अचानक नीचे गिरता है.
सुबह उठने का तरीका बदलें, नहीं तो चोट का खतरा बढ़ेगा
अगर आपको या घर में किसी बुजुर्ग को यह दिक्कत रोज होती है, तो सुबह उठने की जल्दबाजी बिल्कुल छोड़नी होगी:
- अलार्म बजते ही उछलकर खड़े न हों. पहले एक मिनट बिस्तर पर ही सीधे लेटे रहें.
- इसके बाद करवट लेकर उठें और पैरों को बेड से नीचे लटकाकर बैठ जाएं.
- सिरहाने रखी बोतल से दो घूंट सादा पानी पिएं. जब सिर एकदम स्थिर महसूस हो, तभी फर्श पर पैर रखें.
- रात को सोने से पहले भी थोड़ा पानी पीकर सोएं ताकि सुबह शरीर में सूखापन न रहे.
इन लक्षणों को भूलकर भी इग्नोर न करें
हर चक्कर साधारण नहीं होता. अगर सिर घूमने के साथ जीभ लड़खड़ाने लगे, चेहरे का एक हिस्सा लटकता हुआ दिखे, सीने में भारीपन लगे या एक हाथ में कमजोरी महसूस हो- तो यह सीधे स्ट्रोक या कार्डियक इमरजेंसी हो सकती है. ऐसे में एक पल भी गंवाए बिना सीधे नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचना चाहिए.
एक्सपर्ट के बारे में : डॉ. नीरज कुमार ShardaCare – Healthcity में सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन के पद पर कार्यरत हैं. वह इंटरनल मेडिसिन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के निदान और उपचार से जुड़े विशेषज्ञ हैं.
