Home Viral80s ChatGPT Trend: वायरल 80s AI फोटो ट्रेंड पर पुलिस की चेतावनी, फोटो से बन सकती है Fake Profile और साइबर Fraud का खतरा, Gadgets Hindi News

80s ChatGPT Trend: वायरल 80s AI फोटो ट्रेंड पर पुलिस की चेतावनी, फोटो से बन सकती है Fake Profile और साइबर Fraud का खतरा, Gadgets Hindi News

by BollywoodNewsAndMovie


80s AI फोटो ट्रेंड सोशल मीडिया पर वायरल है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने अनजान AI टूल्स पर फोटो अपलोड करने से सावधान किया है। फोटो का इस्तेमाल फेक प्रोफाइल, ब्लैकमेल और साइबर फ्रॉड में हो सकता है।

सोशल मीडिया पर इन दिनों 1980s यानी 80s वाला AI फोटो ट्रेंड काफी चर्चा में है। लोग अपनी नार्मल फोटो को AI टूल की मदद से ऐसा लुक दे रहे हैं जैसे तस्वीर कई दशक पहले क्लिक हुई हो। इसमें पुराने जमाने के कपड़े, हेयरस्टाइल, रंग, कैमरा इफेक्ट और विंटेज बैकग्राउंड जोड़ दिए जाते हैं। इससे फोटो दिखने में काफी आकर्षक लगती है और लोग इसे Instagram, Facebook और X जैसे प्लेटफॉर्म पर शेयर भी कर रहे हैं। लेकिन इसी ट्रेंड को लेकर अब Delhi Police ने सोशल मीडिया यूजर्स को सावधान किया है।

पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अनजान AI टूल्स पर अपनी फोटो अपलोड करने से बचें और ऐसे कोई भी लिंक्स पर क्लिक न करें जो AI फिल्टर या फोटो बनाने का दावा करते हैं। पुलिस के मुताबिक आपकी फोटो का इस्तेमाल फेक प्रोफाइल बनाने, ब्लैकमेल, फ्रॉड या दूसरे साइबर क्राइम में किया जा सकता है। हालांकि पुलिस ने यह नहीं कहा है कि हर AI फोटो टूल खतरनाक है।

Delhi Police ने किया Alert

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल इस ट्रेंड को लेकर यूजर्स को चेतावनी दी है। पुलिस का मैसेज था कि जो चीज देखने में सिर्फ nostalgia यानी पुरानी यादों जैसा मजेदार ट्रेंड लग रही है, वह कुछ मामलों में ट्रैप भी बन सकती है। पुलिस ने खास तौर पर कहा कि अनजान AI टूल्स पर अपनी फोटो अपलोड न करें। इसके साथ ही ऐसे random links खोलने से भी बचें, जो नए AI filter, फोटो जनरेटर या वायरल ट्रेंड का हिस्सा होने का दावा कर रहे हों।

फोटो का ऐसे हो सकता है गलत इस्तेमाल

किसी व्यक्ति की फोटो उसकी डिजिटल पहचान का हिस्सा होती है। अगर कोई फोटो गलत हाथों में पहुंच जाए तो उसका इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस Police ने खास तौर पर फेक प्रोफाइल बनाने, ब्लैकमेल, फ्रॉड जैसे खतरे बताए हैं। उदाहरण के तौर पर किसी की तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर किसी और नाम से प्रोफाइल बनाई जा सकती है। इसी तरह फोटो को किसी फर्जी पहचान के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ मामलों में तस्वीरों का इस्तेमाल लोगों को डराने या पैसे मांगने के लिए भी किया जा सकता है। पुलिस की चेतावनी इसी संभावित misuse को लेकर है।

Random AI Link सबसे बड़ा खतरा

कई बार सोशल मीडिया पर ऐसे लिंक तेजी से फैलते हैं जिनमें लिखा होता है कि “अपनी फोटो डालें और 80s लुक पाएं” या “फ्री AI filter इस्तेमाल करें।” यूजर उत्सुकता में लिंक खोलकर तुरंत फोटो अपलोड कर देता है। दिल्ली पुलिस ने इसी तरह के रैंडम लिंक्स से सावधान रहने को कहा है। देखने में सामान्य फ़िल्टर या फोटो जेनेरेट जैसा दिखने वाला पेज किसी दूसरे scam की तरफ ले जा सकता है। इसलिए केवल वायरल होने की वजह से किसी लिंक पर भरोसा करना ठीक नहीं है।

फोटो अपलोड करने से पहले ये चीजें देखें

अगर आप किसी AI tool से 80s वाली फोटो बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले प्राइवेसी सेटिंग और डेटा पॉलिसी देखें। यह पता करें कि आपकी अपलोड की गई फोटो को कितने समय तक रखा जाता है और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जा सकता है।जिस फोटो में घर का नंबर, गाड़ी का नंबर, ऑफिस की पहचान, स्कूल का नाम या कोई दूसरी निजी जानकारी दिखाई दे रही हो, उसे सीधे अपलोड करने से बचना बेहतर है। फोटो शेयर करने से पहले उसके बैकग्राउंड को क्रॉप भी किया जा सकता है।

अगर फोटो का गलत इस्तेमाल हो जाए तो क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति की फोटो का इस्तेमाल करके फेक प्रोफाइल बनाई गई है, ब्लैकमेल किया जा रहा है या फोटो से जुड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दिल्ली पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामलों में 1930 हेल्पलाइन और सरकार के साइबरसिमे पोर्टल के जरिए शिकायत करने को कहा है।



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