Shaheed Bhagat Singh Home: पंजाब के बंगा जिले के पास स्थित शहीद भगत सिंह के पैतृक घर की एक वीडियो ने इंटरनेट की जनता को जोश से भर दिया। वैसे भी भगत सिंह हमारे वो ‘हीरो’ है, जिनका नाम सुनकर आज की युवा पीढ़ी भी जोश से सराबोर हो उठती है। उनका घर देखने के बाद लोग उनके वहां होने की कल्पना कर रहे हैं।

शहीद भगत सिंह का पैतृक घर!
भारत के पंजाब के बंगा टाउन के खटकड़ कलां गांव में शहीद भगत सिंह का पैतृक गांव है। जहां जाकर लोगों को आज भी एक ‘फायर’ महसूस होता है। जिस हवेलीनुमा मकान को शरणदीप कौर ने अपने वीडियो में दिखाया है। उसे वर्तमान में एक संरक्षित राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जा चुका है। बताया जाता है कि इसे 1858 में शहीद भगत सिंह के परदादा फतेह सिंह ने बनवाया था।
सुरक्षित निशानियां!
भगत सिंह के इस पैतृक घर में आज भी उनकी माता विद्यावती जी के द्वारा इस्तेमाल की गई पुरानी वस्तुएं रखी गई है। वीजियो में भी आपको घर में रखा बर्तन, चरखा, टाइपराइटर, अलमारी, लालटेन और अनाज पीसने वाली चक्की भी आज सुरक्षित रखी है। भगत सिंह जी के इस घर में पुराना कुआं और पारंपरिक चूल्हा उस दौर के ग्रामीण जीवन को दर्शाता है। शहीद-ए-आजम के घर को देखकर लोग कल्पना कर रहे हैं कि वह भी कभी वहां रहे होंगे।
क्या शहीद भगत सिंह इस घर भी आते थे?
खैर, इस वीडियो को इंस्टाग्राम के जरिए शरणदीप कौर ने आप तक पहुंचाया है। कौर लिखती है कि 28 सितंबर 1907, वह दिन जब एक महान व्यक्ति का जन्म हुआ। शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि। साथ ही, पंजाब (भारत) के खटकर कलां में स्थित उनके पैतृक घर जरूर जाएं। उनकी क्रांति की आग आज भी जिंदा है।
हमारे सबसे बड़े आइडल!
शहीद भगत सिंह के जन्मदिन पर जनता उन्हें याद करके कमेंट सेक्शन में उन्हें शत-शत नमन करती नजर आ रही हैं। एक ओर जहां आज की जनता उन्हें अपना सबसे बड़ा मोटिवेशन और आइडल बता रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों का कहना है कि उनकी कुर्बानियों को देश हमेशा याद रखेगा। एक यूजर का कहना था कि ‘अपने वतन के लिए शहीद होने वाले कभी नहीं मरते। वो जिंदा रहते हैं, हमेशा हमारी यादों में, हमारे सपनों में, हमारी उम्मीदों में। हर पीढ़ियों के लिए वो किसी प्रेरणा से कम नहीं है।’

