Remarkable Love: ‘लाइफ इज फुल ऑफ सर्कल’ का मतलब समझते हैं? कई बार जीवन में हुई घटनाएं, रिश्ते और अनुभव अक्सर बदलाव के साथ वहीं लौट आते हैं। जहां से वो शुरू हुए हो। इंटरनेट पर वायरल दादी-पोती की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। जिसे सुनकर लोग अपने दादा-दादी को भी याद कर रहे हैं।

बचपन में दादी ने संभाला और अब…
निधि बताती है कि उनकी दादी उन्हें छोड़ती नहीं है, वह एक सेकंड के लिए भी गायब हो जाए, तो उनकी दादी उन्हें ढूंढती रहती है। इस बीच दादी उनका हाथ पकड़े होती है और उन्हें अपने बगल बैठने को कह रही होती है। मगर जैसे ही वह थोड़ा छिड़ककर कहती है कि ‘मुझे काम है,मैं जा रही हूं काम से।’ ये सुनकर दादी उसे छोड़ देती है। इसके बाद वो खुद Aww बोलकर अपने दादी के बगल बैठ जाती है।
‘मेरी दादी अब मेरा बचपन वाला वर्जन बन गई है’
दादी के बगल बैठकर निधि अपने बचपन की कहानी बताती है, जब वो अपनी मां या दादी के अलावा किसी के साथ नहीं रहती है। बचपन में दादी या मम्मी के पास ना होने पर वो चिल्लाने और रोने लगती थी। हमेशा उन्हें दोनों में से कोई चाहिए ही होता था। निधि बताती है कि दादी भी अब वैसी ही हो गई, वो सोने जाती है, तो निधि को लेकर जाती है और जब दादी सो जाती है, तब निधि उठकर अपना काम निपटाती है।
लाइफ इज फुल ऑफ सर्कल!
दादियां अनमोल है, ध्यान रखिए!
कमेंट सेक्शन में हर कोई निधि को दादी का ध्यान रखने और उनके साथ रहने की सलाह दे रहा है। निधि के इंस्टाग्राम हैंडल पर भी दादी के कई वीडियोज देखने को मिलते हैं। वह अपने दादी से बेहद अटैच है। उनके इस वीडियो पर एक कमेंट आया है कि दादियां अनमोल होती है, उनके जाने पर वो सबसे ज्यादा याद आती है। दूसरे यूजर ने कहा कि मैंने कुछ दिनों पहले ही दादी को खोया है, प्लीज अपनी दादी के साथ रहिए।

