मिथुन चक्रवर्ती इन दिनों रूस की राजधानी मॉस्को में थे. वह मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म वीक में बतौर खास अंतरराष्ट्रीय मेहमान पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने पॉपुलर रूसी टीवी शो ‘प्रिवेत, आंद्रेई!’ के एक एपिसोड की शूटिंग की. शो से सामने आए एक वीडियो क्लिप में मिथुन दा अपने आइकॉनिक गाने ‘जिमी जिमी आजा आजा’ पर डांस करते दिखाई दे रहे हैं.
मिथुन का वही अंदाज, वही गाने की धुन और सामने रूसी दर्शक… वीडियो देखते ही लोगों को ‘डिस्को डांसर’ वाला दौर याद आ गया. सोशल मीडिया पर क्लिप वायरल होते ही फैंस ने कहना शुरू कर दिया कि मिथुन दा की स्टारडम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं थी, बल्कि रूस में भी उन्होंने ऐसी जगह बनाई, जिसे आज तक भुलाया नहीं गया है.
वायरल हो रहे वीडियो में मिथुन का सम्मान के साथ वेलकम किया जा रहा है. उनका मुंह मीठा कराकर उन्हें गले लगाकर पूरी गर्मजोशी के साथ मंच पर बुलाया गया. रूसियों के जिमी जिमी गाने पर मिथुन थिरकते भी दिखे.
‘जिमी जिमी’ सुनते ही आज भी झूम उठते हैं लोग
वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों ने मिथुन की जमकर तारीफ की. एक यूजर ने लिखा कि उसकी मां आज भी पारिवारिक कार्यक्रमों में ‘जिमी जिमी’ बजने पर भावुक हो जाती हैं. एक अन्य यूजर ने सोवियत दौर को याद करते हुए दावा किया कि ‘डिस्को डांसर’ उस समय वहां की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक थी.
किसी ने मिथुन को ‘रूस का सुपरस्टार’ कहा तो किसी ने लिखा कि वह सोवियत यूनियन में किसी आइकॉन से कम नहीं थे. यानी दशकों बाद भी मिथुन दा का नाम रूस में आते ही ‘डिस्को डांसर’ और ‘जिमी जिमी’ की यादें ताजा हो जाती हैं.
जब ‘डिस्को डांसर’ ने USSR में मचा दिया था तहलका
‘डिस्को डांसर’ साल 1982 में भारत में रिलीज हुई थी, लेकिन सोवियत यूनियन में इस फिल्म की एंट्री 1984 में हुई. यह वो दौर था जब भारत और सोवियत यूनियन के बीच सांस्कृतिक रिश्ते काफी मजबूत थे. बॉलीवुड की फिल्में वहां पहले से पसंद की जाती थीं, लेकिन मिथुन की ‘डिस्को डांसर’ ने इस लोकप्रियता को एक अलग ही मुकाम पर पहुंचा दिया.
फिल्म की कहानी एक ऐसे स्ट्रीट सिंगर की थी, जो अपनी मां के साथ मुंबई से बेइज्जत होकर निकल जाता है. इसके बाद वह अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर बड़ा स्टार बनता है. हालांकि, उसके अतीत के दुश्मन उसकी कामयाबी को बर्बाद करने में जुट जाते हैं.
कहानी में संघर्ष था, इमोशन था और सबसे बढ़कर था जबरदस्त म्यूजिक. मिथुन का डांस और बप्पी लाहिड़ी के डिस्को बीट्स ने सोवियत दर्शकों को ऐसा जोड़ा कि फिल्म वहां सनसनी बन गई.
Cold War के दौर में बॉलीवुड का ‘डिस्को’ कनेक्शन
1980 के दशक में सोवियत यूनियन में पश्चिमी पॉप कल्चर को लेकर काफी सख्ती थी. ऐसे माहौल में भारतीय फिल्मों का रंगीन अंदाज, गाने, डांस और इमोशनल कहानियां लोगों को अलग दुनिया का अनुभव देती थीं. ‘डिस्को डांसर’ ने इसी वजह से दर्शकों के बीच जबरदस्त जगह बनाई.
रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म उस साल सोवियत बॉक्स ऑफिस की सबसे सफल फिल्मों में रही. दशक की सबसे बड़ी कमाई वाली फिल्मों में भी इसका नाम आया और सोवियत सिनेमा के इतिहास की टॉप फिल्मों में इसे जगह मिली.
सड़कों से शादियों तक बजता था ‘जिमी जिमी’
‘डिस्को डांसर’ की सबसे बड़ी पहचान बना ‘जिमी जिमी आजा आजा’. यह गाना सोवियत यूनियन में इतना लोकप्रिय हुआ कि रेडियो से लेकर शादियों और सार्वजनिक जगहों तक इसकी धुन सुनाई देने लगी. भाषा अलग थी, लेकिन बीट ऐसी थी कि लोग खुद को नाचने से रोक नहीं पाते थे.
यही वजह है कि आज इतने साल बाद जब मिथुन चक्रवर्ती खुद रूस के टीवी शो पर इसी गाने पर डांस करते नजर आए, तो पूरा मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं बल्कि पुराने भारत-रूस सिनेमाई रिश्ते की याद बन गया. और शायद यही मिथुन दा की असली स्टारडम है- दशक बदल गए, सोवियत यूनियन टूट गया, लेकिन रूस में ‘जिमी जिमी’ और मिथुन का जादू आज भी कायम है.
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