मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी ने जिस प्रदर्शन का आह्वान किया था, उसमें शामिल होने से पहले ही हजारों समर्थकों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया. इस दौरान दिल्ली पुलिस पर महिला प्रदर्शकारियों और पत्रकारों के साथ बदसलूकी के कई आरोप भी लगे.
इसी संदर्भ में अब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को आपत्तिजनक तरीके से पकड़ा और घसीटा. पहली तस्वीर में एक पुलिसकर्मी, एक महिला को पैर पकड़ पर घसीटता हुआ दिख रहा है. कैप्शन में लिखा है, ‘दिल्ली में हद पार हो गई महिलाओं के साथ अत्याचार.’
दूसरी तस्वीर में किसी बस के अंदर का नजारा देखा जा सकता है जहां दो पुरुष और एक महिला पुलिसकर्मी एक महिला को आपत्तिजनक तरीके से खींच रहे हैं. इसे पोस्ट करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, ‘देखिए दिल्ली पुलिस के बेशर्मी. ये तस्वीर जंतर मंतर का बताया जा रहा है.’
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये दोनों फोटो असली नहीं हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से बनाई गई हैं.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल तस्वीरों को ध्यान से देखने पर इन दोनों फोटो में पीड़ित महिला एक जैसी दिखती है. किसी प्रदर्शन के दौरान बीच में उसी महिला के कपड़े बदल जाना विश्वसनीय नहीं लगता.
इसके बाद इन दोनों तस्वीरों को हमने OpenAI के वेरिफाई टूल की मदद से जांचा. इस टूल ने साफ बताया कि दोनों फोटो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से बनाई गई हैं.
वायरल तस्वीरें भले ही झूठी हों, लेकिन 10 अक्टूबर के आंदोलन के दौरान पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप जरूर लगे हैं. यहां तक कि CRPF के एक असिस्टेंट कमांडेंट ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया. राहुल सोलंकी नाम के इस कमांडेंट ने राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और दिल्ली पुलिस आयुक्त से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है.
इसी के साथ 10 अक्टूबर को पुलिस पर महिला पत्रकारों के साथ भी मारपीट करने का आरोप लगा है. 13 अक्टूबर को एक सुनवाई के दौरान इस कथित मारपीट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इन आरोपों का स्पष्टीकरण देने को कहा है.
कुल मिलाकर बात साफ है कि हालांकि पुलिस के खिलाफ सच में महिलाओं के साथ बदसलूकी करने के आरोप लगे हैं, लेकिन ये तस्वीरें एआई से बनी हैं.
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