ओडिशा के राउरकेला का सरकारी सर्किट हाउस इन दिनों एक पुराने वीडियो की वजह से चर्चा में है. सोशल मीडिया पर ‘एडल्ट’ फिल्म एक्ट्रेस और सोशल मीडिया पर्सनैलिटी टीना नंदी का एक वीडियो फिर से वायरल हो रहा है. वीडियो में टीना नंदी 1 दिसंबर, 2025 को राउरकेला सर्किट हाउस में अपने ठहरने के बारे में बात करती नजर आ रही हैं.
अब इसी वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर सरकारी गेस्ट हाउस में उनका ठहरना कैसे तय हुआ और क्या इसके लिए तय नियमों का पालन किया गया था.
वीडियो में टीना नंदी अपने फॉलोअर्स को राउरकेला की अपनी यात्रा की झलक दिखाती हैं. वह झारसुगुड़ा एयरपोर्ट से एक लग्जरी कार में राउरकेला पहुंचती नजर आती हैं. वीडियो में वह यह भी कहती सुनाई देती हैं कि कंपनी के सीईओ खुद उन्हें रिसीव करने आ रहे हैं. टीना ने अपनी इस यात्रा को एक बड़े प्रोजेक्ट से भी जोड़कर बताया था.
वीडियो में दिखाया सर्किट हाउस का कमरा
मामला तब और दिलचस्प हो जाता है जब टीना वीडियो में उस कमरे को भी दिखाती हैं, जहां वह सर्किट हाउस में ठहरी थीं. वह बताती हैं कि इस जगह का इस्तेमाल वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी करते हैं. उनके वीडियो में किए गए इन दावों की परिस्थितियों को भी पुलिस अब जांच रही है.
द इंडियन एक्सप्रेस में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि टीना नंदी के ठहरने की व्यवस्था से जुड़े कम से कम तीन लोगों से पूछताछ की गई है. इनमें एक रिटायर्ड एसपी रैंक के अधिकारी का बेटा भी शामिल बताया जा रहा है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि टीना के लिए सरकारी सर्किट हाउस में ठहरने की सिफारिश किसने की थी और क्या कमरा देने की पूरी प्रक्रिया नियमों के मुताबिक हुई थी.
ऑडी कार का राज भी पुलिस की जांच में
सिर्फ कमरा ही नहीं, टीना नंदी के लिए इस्तेमाल की गई लग्जरी Audi भी पुलिस की जांच के दायरे में है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक स्थानीय ट्रैवल ऑपरेटर ने राउरकेला की एक निजी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के कहने पर यह लग्जरी गाड़ी उपलब्ध कराई थी. यानी अब पुलिस टीना की यात्रा के इंतजाम से लेकर उनके ठहरने तक की पूरी कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीना नंदी राउरकेला एक प्रमोशनल प्रोजेक्ट के सिलसिले में पहुंची थीं, जो गेहना ट्रेड गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताया जा रहा है. एक लंबे वीडियो में टीना ने कहा था, “कंपनी के मालिक/सीईओ खुद अपनी Audi में मुझे लेने आ रहे हैं.” लेटेस्टली की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने शहर में आने की वजह कंपनी का प्रमोशनल प्रोजेक्ट बताया था.
अब पुलिस यह भी देख रही है कि एक निजी व्यावसायिक प्रोजेक्ट से जुड़ी इस यात्रा का सरकारी सर्किट हाउस में उनके ठहरने से क्या कनेक्शन था और क्या यह ठहराव आधिकारिक तौर पर अधिकृत था.
सरकारी सर्किट हाउस में कौन ठहर सकता है?
राउरकेला सर्किट हाउस में ठहरने को लेकर बाकायदा पात्रता और मंजूरी की प्रक्रिया होती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, मंत्री, विधायक, मान्यता प्राप्त पत्रकार और अन्य विशिष्ट लोगों को संबंधित अधिकारियों की मंजूरी के बाद यहां ठहरने की अनुमति दी जाती है. ऐसे में पुलिस की जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि टीना नंदी का कमरा किस आधार पर और किसकी मंजूरी से बुक किया गया था.
पुलिस की जांच अभी जारी है और फिलहाल यह साफ नहीं हुआ है कि सरकारी सर्किट हाउस में उनके ठहरने के दौरान किसी नियम का उल्लंघन हुआ था या नहीं.
पहले भी सुर्खियों में रहा है यही सर्किट हाउस
दिलचस्प बात यह है कि राउरकेला का यही सरकारी सर्किट हाउस कुछ समय पहले भी विवादों में आ चुका है. अगस्त में राउरकेला पुलिस ने यहां से सात लोगों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से हथियार बरामद किए गए थे.
गिरफ्तार लोगों में बीजेपी के युवा नेता प्रकाश पासवान भी शामिल थे, जिनका संबंध केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम से बताया गया था. इसके बाद बीजेपी ने प्रकाश पासवान को निलंबित कर दिया था.
अब टीना नंदी के पुराने वीडियो ने उसी सरकारी सर्किट हाउस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. फिलहाल पुलिस की नजर इस बात पर है कि वीडियो में नजर आ रही लग्जरी Audi से लेकर सरकारी कमरे तक- इस पूरे इंतजाम के पीछे आखिर कौन था और क्या सारी प्रक्रिया नियमों के मुताबिक हुई थी.
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