Home Viral‘वीडियो वायरल नहीं होता किसको पता चलता?’ जमुई मामले पर प्रशांत किशोर ने सरकार को लपेटा – prashant kishor slams bihar police over jamui incident said who known if video had not gone viral

‘वीडियो वायरल नहीं होता किसको पता चलता?’ जमुई मामले पर प्रशांत किशोर ने सरकार को लपेटा – prashant kishor slams bihar police over jamui incident said who known if video had not gone viral

by BollywoodNewsAndMovie


Prashant Kishor: जमुई मामले पर प्रशांत किशोर ने बिहार पुलिस को घेरते हुए कहा कि अगर वीडियो वायरल नहीं होता, तो सच किसी को पता ही नहीं चलता। यूजर्स द्वारा वीडियो शेयर करने के बाद ही सरकार जागी। अब अपनी फजीहत छुपाने के लिए पुलिस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सख्ती दिखाते हुए लोगों पर कार्रवाई और गिरफ्तारियां कर रही है।

prashant kishore news
प्रशांत किशोर
पटना: जमुई घटना की वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों के खिलाफ बिहार पुलिस के द्वारा की जा रही कानूनी कार्रवाई पर प्रशांत किशोर ने कहा कि वीडियो वायरल नहीं होता किसको पता चलता? सोशल मीडिया यूजर ने वीडियो को शेयर किया है। तब जाकर सरकार हरकत में आई। दरअसल, जमुई मामले से सरकार की फजीहत हुई है। ऐसे में अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पुलिस-प्रशासन सख्ती दिखा रहा है। इस मामले में 3 की अरेस्टिंग भी हुई है।

प्रशांत किशोर ने सरकार को लपेटा

प्रशांत किशोर ने कहा, ‘अगर ये कुकृत्य करने वालों ने खुद से वीडियो बनाकर जारी नहीं किया होता तो आपको हमको पता भी नहीं चलता और पुलिस प्रशासन कोशिश क्या कर रहा है? एडीजी लॉ एंड ऑर्डर का मैंने बयान देखा कि जो लोग भी वीडियो चला रहे हैं उन पर कार्रवाई की जाएगी। अरे भाई वीडियो नहीं चलता तो समाज को पता कैसे चलता कि आप लोग शराब माफिया बालू माफिया को संरक्षण देकर समाज किस तरह का कुकृत्य करा रहे हैं? तो वीडियो चलाने वाले पर कार्रवाई होगी लेकिन इस तरह का क्राइम करने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी तो मोदी जी का नारा है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। हम कह रहे हैं कि मोदी जी का नया नारा है खुद से बेटी पढ़ाओ खुद से बेटी बचाओ सरकार कुछ नहीं करने वाली है।’

अगर ये कुकृत्य करने वालों ने खुद से वीडियो बनाकर जारी नहीं किया होता तो आपको हमको पता भी नहीं चलता और पुलिस प्रशासन कोशिश क्या कर रहा है?

प्रशांत किशोर

जमुई मामले में सोशल मीडिया यूजर पर शिकंजा

दरअसल, वायरल वीडियो के जरिए नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वालों पर भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। जमुई साइबर थाना में कांड संख्या 45/2026 दर्ज कर करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से तीन सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा कि अन्य चिन्हित प्रोफाइलों के खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से अपील की कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। उन्होंने कहा कि ऐसी सामग्री से पीड़ितों को मानसिक और सामाजिक नुकसान हो सकता है। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही गई है।

बिहार बीजेपी ने तेजस्वी को निशाने पर लिया

वहीं, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले के बाद राज्य सरकार की आलोचना करने पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी और विपक्ष के दूसरे नेताओं ने घटना का वायरल वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर करके खुद ही नाबालिग पीड़ितों की प्राइवेसी का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि जो भी पीड़ितों की पहचान उजागर करते हुए पाया जाएगा, सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
उन्होंने ने कहा कि घटना के सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने कहा है कि मुठभेड़ आरोपियों को पकड़ने के अभियान के दौरान हुई। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो को फैलाने में शामिल सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ अलग से कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों ने बार-बार जनता से अपील की है कि वे वीडियो या ऐसी कोई भी सामग्री शेयर या रीपोस्ट न करें जिससे नाबालिग पीड़ितों की पहचान हो सके। जमुई मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका के साथ-साथ वीडियो फैलाने की भी जांच कर रही है।

सुनील पाण्डेय

लेखक के बारे मेंसुनील पाण्डेयसुनील पाण्डेय, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में बतौर सीनियर जर्नलिस्ट कार्यरत हैं। जनवरी 2021 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप का हिस्सा बने सुनील वर्तमान में NBT ऑनलाइन की बिहार-झारखंड टीम में संपादकीय और रिपोर्टिंग में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रणनीतिक न्यूज़ प्लानिंग, सटीक संपादन और धारदार ग्राउंड रिपोर्टिंग उनकी विशेष पहचान है। राजनीति और व्हाइट कॉलर करप्शन जैसे विषयों पर गहरी पकड़ रखने वाले सुनील ने 2005 से शुरू हुए अपने करियर में कई बड़ी खबरें ब्रेक की हैं। जी20 शिखर सम्मेलन (G20 Summit) से लेकर केरल तक के चुनावी बयार को समझा। दिल्ली, बिहार और तेलंगाना में पत्रकारिता के विभिन्न आयामों को अनुभव करने वाले सुनील सोशल मीडिया एक्स (पहले ट्विटर) पर @sunilpandeyjee के जरिए सक्रिय रहते हैं।

सुनील का पत्रकारिता करियर प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया के अलग-अलग अनुभवों से समृद्ध है, जहां उन्होंने संपादन और ग्राउंड रिपोर्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। पटना, दिल्ली और हैदराबाद जैसे महानगरों में उन्होंने कई प्रतिष्ठित हस्तियों का साक्षात्कार किया है। उनकी ग्राउंड रिपोर्ट्स का प्रभाव इतना गहरा रहा है कि कई मौकों पर सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने और उनमें सुधार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

सुनील पाण्डेय की पारखी नजर राजनीतिक उतार-चढ़ाव और सरकारी नीतियों के आम आदमी पर पड़ने वाले असर के विश्लेषण पर रहता है। डिजिटल युग की मांग को समझते हुए वे अपनी लेखनी और वीडियो, दोनों माध्यमों से नवभारत टाइम्स के पाठकों से जुड़ते हैं। उनमें किसी भी सामान्य खबर को राष्ट्रीय विमर्श (National Narrative) बनाने की अद्भुत क्षमता है। वे केवल समाचार देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खबर के पीछे के नैतिक मूल्यों और उसके व्यापक प्रभाव को गहराई से परखते हैं।

अपने पत्रकारिता सफर का आगाज सुनील ने प्रतिष्ठित पाक्षिक पत्रिका ‘माया’ से किया, जिसके बाद उन्होंने विभिन्न समाचार पत्रों के लिए स्वतंत्र स्तंभकार (कॉलमनिस्ट) के रूप में अपनी लेखनी को धार दी। ETV न्यूज की संपादकीय टीम के साथ संपादन और रिपोर्टिंग के गुर सीखने के बाद, उन्होंने ज़ी मीडिया और नेटवर्क 18 जैसे बड़े संस्थानों में एक लंबा समय बिताया। प्रिंट और टीवी न्यूज़ के व्यापक अनुभव के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया। न्यूज़ इकोसिस्टम की गहरी समझ विकसित की। वर्तमान में वे टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवभारत टाइम्स ऑनलाइन’ में अपनी धारदार पत्रकारिता को जारी रखे हुए हैं।

सुनील पाण्डेय की शैक्षणिक नींव ‘पूरब का ऑक्सफोर्ड’ माने जाने वाले पटना विश्वविद्यालय में पड़ी। यहां से ग्रेजुएशन और मास्टर के साथ ही उन्होंने पत्रकारिता की डिग्री भी प्राप्त की। वे समाचारों के विभिन्न स्रोतों के विश्लेषणात्मक अध्ययन और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों जैसे गंभीर विषयों पर अपनी लेखनी और व्याख्यानों के माध्यम से निरंतर विचार साझा करते रहते हैं। पत्रकारिता करियर के दौरान कई अवॉर्ड से सुनील पाण्डेय को सम्मानित किया जा चुका है।और पढ़ें