Azamgarh News: महराजगंज थाना क्षेत्र में युवती का वीडियो वायरल करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी सचिन यादव की जमानत अर्जी खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार और उनके पूर्व पीआरओ राजेश कुमार सिंह कोर्ट में उपस्थित हुए। शासकीय अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार को अवमानना मानकर कोर्ट ने पीआरओ को शाम पांच बजे तक हिरासत में रखने का आदेश दिया।

Azamgarh News: आजमगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। महराजगंज थाना क्षेत्र में युवती का वीडियो वायरल किए जाने के मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी सचिन यादव की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इस मामले में सुनवाई के दौरान सोमवार को एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार और उनके पीआरओ रहे राजेश कुमार सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट में उपस्थित हुए।
पीआरओ को हिरासत में रखने का आदेश
न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल ने अपर शासकीय अधिवक्ता अनुराग पांडेय के साथ दुर्व्यवहार किए जाने को न्यायालय की अवमानना मानते हुए पीआरओ राजेश कुमार सिंह को शाम पांच बजे तक हिरासत में रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा हाईकोर्ट के शासकीय अधिवक्ता के साथ किसी भी किस्म का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया कि वह सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दें कि जब भी किसी मुकदमे में कोई शासकीय अधिवक्ता फोन करें उनके साथ किसी भी किस्म का दुर्व्यवहार न करें। कोर्ट में उपस्थित एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने अवगत कराया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में त्रुटि जानबूझकर नहीं की गई है। इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। दुर्व्यवहार की बात पता चलते ही पीआरओ को तत्काल पद से हटा दिया गया और विधिक कार्रवाई की जा रही है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार के उस मानवीय कदम की भी तारीफ की जिसमें अहरौला थाना अंतर्गत हुई घटना में उन्होंने अपराधी के मारे जाने के बाद उसकी दोनों बच्चियों को गोद लिया था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
✦इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किसकी जमानत अर्जी खारिज की?−
हाईकोर्ट ने युवती का वीडियो वायरल किए जाने के मुकदमे में आरोपी सचिन यादव की जमानत अर्जी खारिज की।
✦पीआरओ राजेश कुमार सिंह को हिरासत में रखने का आदेश क्यों दिया गया?+
✦कोर्ट ने डीजीपी को क्या निर्देश दिया?+

