बेगूसराय में माध्यमिक विद्यालय की अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान कुछ छात्रों के मोबाइल लेकर परीक्षा देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में कई छात्र परीक्षा हॉल में बैठकर मोबाइल की मदद से प्रश्न पत्र हल करते दिखाई दे रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इस दौरान छात्रों को रोकने-टोकने के लिए कोई वीक्षक परीक्षा हॉल में नजर नहीं आ रहा है. पूरा मामला 22 सितंबर का है. यह घटना भगवानपुर प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मोख्तियारपुर की बताई जा रही है. वायरल वीडियो सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी परीक्षा और पेपर लीक जैसे मामलों पर सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान छात्रों का खुलेआम मोबाइल लेकर परीक्षा देना और परीक्षा हॉल में वीक्षक का मौजूद नहीं होना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है.
प्रधानाध्यापिका का वेतन स्थगित
वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने मामले का संज्ञान लिया. उन्होंने तत्काल विद्यालय की प्रधानाध्यापिका से कारण पूछा और उनका वेतन स्थगित कर दिया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि उन्होंने मोख्तियारपुर विद्यालय का वीडियो देखा है. अब पूरे मामले की जांच की जाएगी. इस दौरान यह पता लगाया जाएगा कि परीक्षा में वीक्षण कार्य कौन कर रहे थे और इस मामले में कौन दोषी है. दोषी की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
प्रधानाध्यापिका ने मानी गलती
वहीं, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका लुसी कुमारी ने पूरे मामले में सफाई देते हुए शिक्षकों की कमी को वजह बताया. उन्होंने कहा कि उस दिन स्कूल में काफी भीड़ थी और 10वीं, 11वीं और 9वीं की परीक्षाएं चल रही थीं. उनके मुताबिक, शिक्षकों की कमी के कारण संभव है कि वीक्षक इधर-उधर पेपर वर्क में लगे हों और इसी दौरान किसी बच्चे ने मोबाइल निकाल लिया हो. उन्होंने साफ कहा कि मोबाइल लेकर परीक्षा देना सही नहीं है और अगर इस तरह की गलती हुई है तो आगे से ऐसा नहीं होने दिया जाएगा.
चार कक्षाओं की परीक्षा, शिक्षक सिर्फ तीन
लुसी कुमारी ने बताया कि स्कूल में शिक्षक प्रतिनियुक्त थे, लेकिन प्लस टू में केवल तीन शिक्षक ही कार्यरत हैं. उस दिन चार क्लास की परीक्षा हो रही थी. ऐसे में संभव है कि शिक्षक किसी दूसरे काम में व्यस्त रहे हों और इसी दौरान यह घटना हुई. प्रधानाध्यापिका ने इस मामले में स्कूल की व्यवस्था को जिम्मेदार माना और कहा कि आगे से इस तरह की स्थिति दोबारा न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा. फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू करने और जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान के बाद कार्रवाई की बात कही है.
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