Home Box OfficeBox Office: सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना की छठी मइया में आस्था पर बनी ‘द वन’ की बम्पर कमाई, ‘द पैराडाइज’ ने रचा इतिहास – the vvan force of the forrest first sunday collection athe paradise box day 4 business

Box Office: सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना की छठी मइया में आस्था पर बनी ‘द वन’ की बम्पर कमाई, ‘द पैराडाइज’ ने रचा इतिहास – the vvan force of the forrest first sunday collection athe paradise box day 4 business

by BollywoodNewsAndMovie


बिहार की मिट्टी से निकली एक लोककथा पर बनी सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर रही है। वहीं नानी, मोहनबाबू की ‘द पैराडाइज’ ने भी रविवार को दंगल कमाई की है।

The Vvan Force of the Forrest first sunday and The Paradise Box Office
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की ‘द वन’ और द पैराडाइज बॉक्स ऑफिस
पटना के पास बिहटा के एक 400 साल पुराने इतिहास और वन देवी मंदिर की मान्यता कि सूर्यास्त के बाद इस जंगल में जाना वर्जित है। सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ इसी से जुड़ी कहानी है जिसने पहले रविवार को शानदार कलेक्शन किया है। वहीं इस पिछले वीक रिलीज हुई नानी, मोहनबाबू की फिल्म ‘द पैराडाइज’ भी अपनी कहानी और एक्शन से लोगों का ध्यान खींच पाने में सफल दिख रही है। फिल्म की कहानी लोगों को काफी पसंद आ रही है और इसने रविवार को बम्पर कमाई की।

‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ बिहार से जुड़ी एक ऐसी लोककथा को बड़े पर्दे पर पेश करती है। जहां वन देवी, रहस्यों से भरा जंगल, छठी मइया की आस्था और इंसान की अपनी सोच के बीच का टकराव है। फिल्म की शुरुआत ही दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा देती है। साथ ही मन में यह सवाल भी उठता रहता है कि आखिर इस रहस्यमयी जंगल के अंदर ऐसा क्या है, जिसे लेकर इतनी बातें कही जाती हैं।

छठ का त्योहार भी उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ता है

कहानी ऋषि यानी सिद्धार्थ मल्होत्रा की है, जो अपनी पत्नी ममता तमन्ना भाटिया के साथ अपने पुश्तैनी गांव बिहार लौटता है। शहर की जिंदगी में पले-बढ़े ऋषि के लिए गांव की पुरानी परंपराएं और वहां की मान्यताएं ज्यादा मायने नहीं रखतीं। उसे इन बातों में अंधविश्वास नजर आता है। हालांकि, दोनों अपने परिवार से जुड़े पुराने दर्द के साथ गांव आते हैं और छठ का त्योहार भी उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ता है। गांव के करीब एक घना जंगल है, जहां वन देवी का मंदिर मौजूद है। वहां के लोगों का मानना है कि सूर्यास्त के बाद जंगल में जाना खतरनाक है और इस वजह से शाम के बाद वहां जाने की मनाही है। कहानी तब एक अलग मोड़ लेती है, जब ऋषि जंगल के अंदर पहुंचता है। वहां एक पुरानी मुहर टूटने के बाद एक रहस्यमयी और अलौकिक शक्ति जाग जाती है। इसके बाद ऋषि की सोच और उसके अब तक के विश्वास भी सवालों के घेरे में आ जाते हैं।

‘द वन’ ने रविवार को छप्पर फाड़कर कमाई

Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘द वन‘ ने रविवार को बम्पर कमाई की है। ‘द वन’ ने जहां शनिवार को ₹11.25Cr की कमाई की है वहीं तीसरे दिन यानी रविवार को फिल्म ने बम्पर कमाई की है। इस फिल्म ने रविवार को ₹14.00Cr की कमाई की है। करीब ₹80 से ₹82 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म ने तीन दिनों में कुल मिलाकर ₹33.25Cr की कमाई की है। वहीं इस फिल्म ने रविवार को विदेशों में ₹1.25 Cr की कमाई की है। तीन दिनों में फिल्म ने विदेशों में ₹3.50 Cr की कमाई करते हुए कुल मिलाकर ₹43.15 Cr की कमाई की है।

श्रीकांत ओडेला की ‘द पैराडाइज’ की कहानी

वहीं नानी, मोहनबाबू, सोनाली कुलकर्णी, राघव जुयाल जैसे सितारों से सजी निर्देशक श्रीकांत ओडेला की ‘द पैराडाइज’ में रोंगटे खड़े कर देने वाला एक्शन हैं। कहीं-कहीं ये फिल्म आपको ‘केजीएफ’ लगेगी तो कहीं ‘पेद्दी’। ये कहानी साल 1980 के दशक के सिकंदराबाद की है, जहां ‘पैराडाइज’ नाम की एक बस्ती में रहने वाले लोग बेहद बदहाल और अपमानजनक परिस्थितियों में जिंदगी गुजार रहे हैं। हालात ये हैं कि यहां रहने वाले लोग रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी मारे-मारे फिरते हैं। वहीं इस समुदाय में एक ताकतवर मलिक मोहन बाबू है जिसका दबदबा खूब है। ये उन लोगों पर अमानवीय जुल्म करता आया है और उन्हें उनकी पहचान और हक़ से महरूम रखता है। इसी समुदाय का जदल यानी नानी बचपन में प्रताड़ित होकर जेल पहुंचा था। वहीं उसकी मां शमाक्का यानी सोनाली कुलकर्णी भी जिस्मफरोशी के लिए मजबूर कर बेइज्जती की जिंदगी जीने पर मजबूर है। जदल जब जेल से रिहा होकर लौटता है और अपनी मां का अपमान देखता है, तो उसके भीतर बरसों से दबा गुस्सा भड़क जाता है।

‘द पैराडाइज’ ने रविवार को कितनी की कमाई

‘द पैराडाइज‘ बुधवार को कुछ शोज़ के साथ रिलीज हुई और ₹11.60Cr की कमाई की है। गुरुवार को ₹34.65Cr कमाने वाली इस फिल्म ने रविवार को यानी चौथे दिन ₹15.70Cr की कमाई की है। कुल मिलाकर इस फिल्म ने अब तक ₹92.10 Cr का नेट कलेक्शन भारत में किया है। वहीं वर्ल्डवाइ़ ग्रॉस कमाई की बात करें तो फिल्म ने ₹138.25 Cr की कमाई कर डाली है।

‘द पैराडाइज’ ने तोड़े कई बॉलीवुड फिल्मों के रेकॉर्ड

इसी के साथ ये फिल्म इस साल रिलीज हुई ‘आवारापन 2’ (84.31 करोड़), ‘धमाल 4’ (67.21 करोड़), ‘वेलकम टू द जंगल’ (65.83 करोड़), ‘भूत बंगला’ (65.65 करोड़), ‘कॉकटेल 2’ (50.1 करोड़) और ‘ओ रोमियो’ (19.80 करोड़) जैसी तमाम बॉलीवुड फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। वहीं ‘द पैराडाइज’ ने रविवार को पांचवें दिन की कमाई की है।

अर्चना सिंह

लेखक के बारे मेंअर्चना सिंहअर्चना सिंह नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर हैं। पत्रकारिता की दुनिया में उनका सफर मुंबई से शुरू हुआ, जहां उन्होंने नवभारत टाइम्स अखबार के बाद न्यूज18 के साथ काम किया। साल 2008 से वह दिल्ली में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़ी हुई हैं। अपने करियर के दौरान उन्हें विविध भारती के साथ भी काम करने का अवसर मिला, जिसने उनके अनुभवों को तराशा। पत्रकारिता के सफर में उन्होंने क्राइम बीट से लेकर बीएमसी और लोकल न्यूज़ रिपोर्टिंग की जिम्मेदारियां संभालीं। इसके साथ ही फिल्मी पार्टियों, इवेंट्स और फिल्मी कलाकारों के इंटरव्यूज़ कवर किए। मुंबई में आयोजित काला घोड़ा आर्ट्स फेस्टिवल, सेंट जेवियर्स कॉलेज का ‘मल्हार फेस्टिवल’ जैसे इवेंट्स की रिपोर्टिंग भी इनके अनुभव का हिस्सा रही हैं। मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी अबू सलेम को जब भारत लाया गया था, उस अहम घटना पर रिपोर्टिंग करने का मौका भी इन्हें मिला।

विशेषज्ञता : नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में रहते हुए अर्चना सिंह ने एंटरटेनमेंट, न्यूज़, बिजनेस और लाइफस्टाइल जैसे कई अहम बीट्स पर काम किया। उन्हें रिसर्च आधारित फिल्मी खबरें, फीचर स्टोरीज और फिल्म या टेलिविजन से जुड़े मुद्दों पर ओपिनियन और एनालिसिस आर्टिकल लिखना खास तौर पर पसंद है। हॉलीवुड और बॉलीवुड की खबरें, एक्सप्लेनर स्टोरीज, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, फिल्मों और वेब सीरीज के रिव्यू, गॉसिप्स, फीचर कंटेंट, इंटरव्यू और टेलिविजन शोज को फैक्ट-चेक के साथ कवर करने में उनकी अच्छी पकड़ है।

पत्रकारिता का अनुभव: करीब 20 साल के पत्रकारिता अनुभव के साथ, इन्होंने अपने करियर के 18 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन को दिए हैं। इस दौरान ये संस्थान के एंटरटेनमेंट डेस्क का अहम हिस्सा रहीं। इनके काम के लिए इन्हें संस्थान की ओर से ‘अचीवर्स ऑफ क्रेडिबल एक्सलेंस ग्रैंड सल्यूट अवॉर्ड’ सहित कई बार बेस्ट परफॉर्मर अवॉर्ड दिया जा चुका है।

अर्चना सिंह ने मुंबई के सोमैया कॉलेज से साइंस विद्याविहार से ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद इन्होंने केसी कॉलेज ऑफ आर्ट्स, मुंबई से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया।… और पढ़ें