Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में वायरल फीवर, पेट दर्द के
Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में वायरल फीवर, पेट दर्द के मरीज बढ़े हैं। साथ ही खांसी सांस लेने में दिक्कत के अलावा, सिर व बदन दर्द, उल्टी, दस्त, सर्दी, खांसी, जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं। इसमें बड़े और बच्चे शामिल हैं। वायरल निमोनिया से बच्चे ग्रसित हो रहे हैं।
ओपीडी में मरीजों की बढ़ी भीड़
ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। इस तरह के लक्षण लेकर लोग पहुंच रहे हैं। मरीज को स्वस्थ होने में करीब पांच से सात दिन का समय लग रहा है। इसके मरीज से दूसरे व्यक्ति में फैलने की संभावना रहती है। डॉक्टर इलाज करने के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम में बदलाव से बढ़ीं स्वास्थ्य समस्याएं
मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। दिन में धूप और सुबह व शाम को ठंड महसूस हो रही है। इसमें थोड़ी सी लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। वायरस और बैक्टीरिया की चपेट में आने से लोग बीमार हो रहे हैं। तेज बुखार, सर्दी, खांसी, सिर व बदन दर्द, गले में खरास, उल्टी, दस्त, सांस लेने सहित कई दिक्कतें हो रही हैं। इस तरह के मरीजों की संख्या में इन दिनों इजाफा हुआ है। बुधवार को मेडिसिन विभाग की ओपीडी में भीड़ रही। करीब 450 मरीजों का इलाज किया। इसमें 30 से 40 प्रतिशत मरीज वायरल फीवर के रहे।
बच्चों में वायरल निमोनिया के मामले
इसमें बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी, पेट व सिर दर्द से पीड़ित रहे। बुखार के तीन मरीज को भर्ती भी किया गया। वहीं बाल रोग विभाग में भी बीमार बच्चों को लेकर परिजन पहुंचे थे। यहां करीब 200 बच्चों का इलाज किया गया। इसमें तेज बुखार, सर्दी, जुकाम, सिर दर्द, उल्टी, दस्त, शरीर में दर्द, गले में खराब, सांस लेने में दिक्कत के मरीज रहे, जबकि वायरल निमोनिया के 15 से 20 मरीज रहे। गंभीर करीब दस मरीजों को भर्ती किया गया। डॉक्टर दवा देने के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
मेडिसिन विभाग के डॉ. ओमकार मिश्रा ने बताया कि मौसम बदलने से वायरल इंफेक्शन की चपेट में लोग आ रहे हैं। इस समय बुखार, खांसी, पेट व सिर दर्द, सांस लेने में दिक्कत हो रही है। टायफाइड से भी कुछ लोग पीड़ित हो रहे हैं। मरीज को दूरी बनाकर रहना चाहिए। एक से दूसरे में संक्रमण फैल सकता है। सफाई रखने, गुनगुना पानी पीएं, पौष्टिक व सुपाच्य भोजन करने।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. इकबाल ने बताया कि वायरल फीवर के मरीज बढ़े हैं। बच्चे बुखार, सिर दर्द, उल्टी, दस्त, शरीर दर्द, गले में खरास की समस्या हो रही है। वायरल निमोनिया से भी पीड़ित हो रहे हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, भूख न लगने, थकान, कमजोरी की परेशानी हो रही है। हरी साग-सब्जी, मौसमी फल का सेवन कराएं, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, फास्ट व जंक फूड, सड़क किनारे खुले में बिकने वाले कटे फल व अन्य खाद्य सामग्री का सेवन न करें। ठंडा पानी, शीतल पेय पदार्थ न पीएं, साफ-सफाई पर ध्यान दें। छह माह तक बच्चों को मां का ही दूध पिलाएं, बच्चों को बोतल से दूध न पिलाएं।
दवा, एक्स-रे के लिए करनी पड़ी मशक्कत
मेडिकल कॉलेज में दवा व एक्स-रे के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर लंबी लाइन रही। लोगों को देर तक इंतजार करना पड़ा। यहां 180 से अधिक लोगों की जांच हुई, जबकि देर पहुंचे करीब दस लोग भीड़ व लाइन देख बिना जांच कराए वापस लौट गए। वहीं दवा के चारों काउंटर पर कतार रही। लोगों को देर तक प्रतीक्षा करना पड़ा। यहां लोगों में नोकझोंक भी हुई। दवा वितरण का कार्य तीन बजे के बाद तक हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
✦बुधवार को मेडिसिन विभाग की ओपीडी में कितने मरीजों का इलाज हुआ?−
करीब 450 मरीजों का इलाज हुआ।
✦बाल रोग विभाग में वायरल निमोनिया के कितने मरीज रहे?+
✦डॉक्टरों ने संक्रमण से बचाव के लिए क्या सलाह दी?+
