साधु के साथ मारपीट करते पुलिसकर्मी के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में पुलिसकर्मी और साधु एक ही समुदाय से हैं। पुलिस ने सांप्रदायिक एंगल होने की बात को फर्जी बताया है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। एक पुलिसकर्मी को साधु को थप्पड़ मारते और उनसे बदसलूकी करते हुए सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है। इसे शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह तमिलनाडु के वेल्लोर में हुई घटना का वीडियो है। आरोप लगाया जा रहा है कि वेल्लोर के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) नसीम ने पहले साधु का अपमान किया और फिर उनके साथ मारपीट की।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। साधु के साथ बदतमीजी करनेवाला पुलिसकर्मी भी किसी दूसरे समुदाय से नहीं है। पुलिसकर्मी का नाम नसीम नहीं, बल्कि नरसिम्हन है। वायरल वीडियो को माहौल खराब करने के लिए सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स यूजर ‘The Hindu Association’ ने 25 सितंबर 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में स्वर्ण मंदिर के बाहर गश्त पर पुलिस कर्मी ने साधु पर बेवजह धार्मिक गुस्सा निकाला …साधु के गाल पर थप्पड़ जड़ने वाला मुस्लिम SI नसीम …वर्दी की आड़ में धार्मिक हिंसा..@VellorePolice …यही अगर कोई मौलाना होता हिंदू पुलिस वाला थप्पड़ मारता तो देश में हंगामा हो गया होता ..हिंदुओं पुलिस पर करवाई होने तक शेयर करते रहो।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ग्रुप की न्यूज वेबसाइट ‘Tamil Samayam’ पर मिली। इस रिपोर्ट को तमिल भाषा में 26 सितंबर 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, घटना वेल्लोर जिले के अरियुर की है। दरअसल, एक पुजारी सड़क किनारे चल रहे थे। तभी स्पेशल सब-इंस्पेक्टर (SSI) नरसिम्हन ने उस बुजुर्ग पुजारी के साथ बदसलूकी की और उन्हें थप्पड़ मारा। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इस घटना की निंदा की और पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट की फीचर इमेज में वीडियो के स्क्रीनशॉट को भी देखा जा सकता है।

तमिल न्यूज वेबसाइट ‘Dinamalar’ पर 8 सितंबर 2026 को तमिल भाषा में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “लोगों के विरोध के बाद जिला पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए SSI नरसिम्हन का तबादला ‘आर्म्ड रिजर्व’ में कर दिया था।”

‘न्यूज 18’ तमिलनाडु के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी हमें वायरल दावे से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट मिली। इसमें भी पुलिसकर्मी का नाम नरसिम्हन ही बताया गया है।
पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट वेल्लोर पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी मिली। इस पोस्ट को 26 सितंबर 2026 को शेयर किया गया था। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, “सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वेल्लोर जिले के अरियूर इलाके में गश्त कर रहे एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को थप्पड़ मारते हुए दिखाया गया है। यह घटना 01.09.2026 को वेल्लोर के अरियूर पुलिस स्टेशन इलाके में हुई थी। इस मामले में, वेल्लोर जिले के पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार तुरंत जांच शुरू की गई। संबंधित पुलिसकर्मी का तबादला वेल्लोर जिला सशस्त्र रिजर्व (District Armed Reserve) में कर दिया गया है। वायरल हो रहे कंटेंट में पुलिसकर्मी की जो धार्मिक पहचान बताई गई है, वह सही नहीं है। इस घटना को सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए और मामले से उचित विभागीय कार्यवाही के जरिए सख्ती से निपटा जा रहा है। जांच पूरी होने पर, नतीजों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जनता को यह भी सलाह दी जाती है कि वे ऐसा भड़काऊ या गुमराह करने वाला कंटेंट न बनाएं, न फैलाएं और न ही शेयर करें, जिससे धार्मिक अशांति फैल सकती हो। अगर किसी को ऐसे किसी कंटेंट के जरिए कानून का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
अधिक जानकारी के लिए हमने तमिलनाडु के स्वतंत्र पत्रकार एमएस दंडपाणि से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है और पुलिस ने भी भ्रामक दावे का खंडन किया है।
क्या है संदर्भ?
सोशल मीडिया पर बुजुर्गों के साथ मारपीट के वीडियो फेक और भ्रामक दावों से साथ अक्सर वायरल किए जाते हैं। एक बुजुर्ग के साथ मारपीट करते हुए कुछ लोगों का ऐसा ही एक वीडियो शेयर कर सांप्रदायिक रंग देते हुए दावा किया गया था कि वह उत्तर प्रदेश की एक घटना का था। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह वायरल दावा भी फर्जी साबित हुआ था। महिला के साथ मारपीट करते कुछ लोगों के एक वीडियो को भी सांप्रदायिक रंग देते हुए वायरल किया गया था। इस दावे की भी विश्वास न्यूज ने पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी। पूरी रिपोर्ट को यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को एक लाख से अधिक लोग एक्स पर फॉलो करते हैं। यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करता है। यूजर एक्स पर मई 2023 से सक्रिय है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि साधु के साथ मारपीट करते पुलिसकर्मी के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में पुलिसकर्मी और साधु एक ही समुदाय से हैं। पुलिस ने सांप्रदायिक एंगल होने की बात को फर्जी बताया है।

- Claim Review : एक मुस्लिम पुलिसकर्मी ने तमिलनाडु में साधु को थप्पड़ मारा।
- Claimed By : FB User The Hindu Association
- Fact Check : भ्रामक
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