आपत्तिजनक कपड़ों में गंगा स्नान करती हुई महिला का वीडियो फेक है। महिला एक सोशल मीडिया क्रिएटर है। असली वीडियो में उन्हें सलवार सूट पहनकर स्नान करते हुए देखा जा सकता है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ‘बिकिनी’ पहनकर हरिद्वार में गंगा स्नान करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए कुछ यूजर्स महिला के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वीडियो में एक महिला को आपत्तिजनक कपड़ों में गंगा स्नान करते हुए दिखाया गया है।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इस वीडियो की जांच की। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो फेक है। दरअसल, असली वीडियो में महिला को सलवार-सूट पहनकर गंगा स्नान करते हुए देखा जा सकता है। इसी मूल वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके महिला को आपत्तिजनक कपड़ों में दिखाया गया है। वीडियो में एआई एडिटिंग की संभावना की पुष्टि हो रही है और अब इसे गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Rohan Gayakwad’ ने 15 सितंबर 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हरिद्वार के पवित्र धार्मिक स्थल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में एक महिला गंगा में स्नान करती नजर आ रही है। वीडियो को लेकर धार्मिक स्थलों पर मर्यादा और अनुशासन बनाए रखने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गंगा स्नान को आस्था और श्रद्धा से जोड़कर देखा जाता है, ऐसे में श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर सभी को स्थानीय परंपराओं और मर्यादाओं का ध्यान रखना चाहिए। सवाल यही है-पवित्र धार्मिक स्थलों पर आस्था के साथ मर्यादा का ध्यान रखना कितना जरूरी है?”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
न्यूज 18 ने भी 15 सितंबर 2026 को इस वायरल वीडियो के बारे में एक खबर प्रकाशित की थी।
पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड की मदद से इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें असली वीडियो ‘sonam_yadav777’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 6 जून 2026 को शेयर किया गया था। असली वीडियो में महिला को सलवार-सूट पहनकर स्नान करते हुए देखा जा सकता है।
सोनम यादव की प्रोफाइल को खंगालने पर हमने पाया कि इस अकाउंट पर गंगा स्नान करने के कई अन्य वीडियो भी मौजूद हैं। बायो में मौजूद जानकारी के मुताबिक, यह महिला एक सोशल मीडिया क्रिएटर है और वीडियो बनाकर शेयर करती है।
इस प्रोफाइल में हमें सोनम यादव के वायरल वीडियो को लेकर जारी किए गए वीडियो भी मिले। सोनम यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो वीडियो शेयर करते हुए कहा कि वायरल हो रहे वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है और उनके असली वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने इसकी शिकायत साइबर क्राइम ब्रांच में की है।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो के कीफ्रेम को ‘AI OR NOt’ टूल पर सर्च किया। इस टूल ने वीडियो के कीफ्रेम के AI होने की करीब 90 फीसदी संभावना जताई।
हमने दूसरे टूल Sight engine की मदद से भी कीफ्रेम को सर्च किया। इस टूल ने करीब 74 फीसदी तक कीफ्रेम के एआई से बने होने की संभावना जताई।
इस वीडियो के बारे में अधिक पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की टीम ने एआई डिटेक्शन टूल ‘Hive Moderation’ की मदद से वायरल वीडियो को सर्च किया। इस टूल ने वीडियो के शुरुआती तीन सेकंड और 12वें सेकंड के कुछ हिस्सों को रेड कर उनके एआई से बने होने के संकेत दिए । इस टूल ने करीब 47 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई।
इस एनालिसिस में हमने यह भी पाया कि कई टूल्स ने वायरल वीडियो को एआई-निर्मित नहीं बताया । इससे यह साबित होता है कि वीडियो मैनीपुलेटेड है। इसे बनाने के लिए पूरी तरह से एआई का इस्तेमाल नहीं किया गया है, बल्कि मूल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है।
अधिक जानकारी के लिए हमने भिवाड़ी साइबर थाना प्रभारी पल्लवी गुप्ता से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि सोनम यादव की तरफ से इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई है।
अधिक जानकारी के लिए हमने सोनम यादव से इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क किया है। रिप्लाई आने पर स्टोरी को अपडेट किया जाएगा।
दोनों तस्वीरें के अंतर को नीचे देखा जा सकता है।
पड़ताल के दौरान हमने यह भी पाया कि सोशल मीडिया पर लोग अब असली वीडियो को शेयर कर यह बता रहे हैं कि वायरल वीडियो मैनीपुलेटेड है।
क्या है संदर्भ?
मशहूर हस्तियों के वीडियो और तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें सोशल मीडिया पर अक्सर वायरल किया जाता है। सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर के वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान भी महिलाओं की एआई से बनाकर आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर की गई थीं। विश्वास न्यूज ने इनकी पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को करीब 2 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को राजस्थान का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि आपत्तिजनक कपड़ों में गंगा स्नान करती हुई महिला का वीडियो फेक है। महिला एक सोशल मीडिया क्रिएटर है। असली वीडियो में उन्हें सलवार सूट पहनकर स्नान करते हुए देखा जा सकता है।
- Claim Review : हरिद्वार में बिकनी पहनकर गंगा स्नान करती महिला।
- Claimed By : FB User Rohan Gayakwad
- Fact Check : झूठ
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