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fishy smell in Karachi | छी… मछली जैसी सड़ी बदबू! कराची में सुबह उठते ही लोग परेशान, आखिर हुआ क्या?

by BollywoodNewsAndMovie


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कराची में बुधवार सुबह लोगों को एक अजीब परेशानी का सामना करना पड़ा. समुद्र के आसपास से शुरू हुई मछली जैसी सड़ी बदबू शहर के कई हिस्सों तक पहुंच गई. लोग समझ नहीं पाए कि आखिर हवा में ऐसी गंध क्यों फैल रही है?

छी... मछली जैसी सड़ी बदबू! कराची में सुबह उठते ही लोग परेशान, आखिर हुआ क्या?Zoom

कराची में अचानक फैल गई ‘मछली’ जैसी गंध

चैन की नींद सो रहे थे कराची के लोग, लेकिन सुबह आंख खुली तो हवा में कुछ अजीब सा महसूस हुआ.खासकर समुद्र के नजदीक रहने वाले लोगों ने हवा में तेज और खराब गंध महसूस की. कई लोगों ने इसे मछली जैसी बदबू बताया. धीरे-धीरे यह गंध शहर के दूसरे हिस्सों तक भी पहुंच गई. इसके बाद लोगों के बीच सवाल उठने लगा कि आखिर कराची की हवा में अचानक ऐसी बदबू क्यों फैल गई?

समुद्र में सड़ रहे हैं सूक्ष्म शैवाल

DAWN ई-समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक विशेषज्ञों ने बताया कि इस बदबू की एक बड़ी वजह समुद्र में मौजूद फाइटोप्लैंकटन (Phytoplankton) हैं. ये बेहद छोटे समुद्री जीव-जैसे सूक्ष्म जीव होते हैं, जिन्हें सामान्य तौर पर इंसानी आंखों से नहीं देखा जा सकता. WWF-पाकिस्तान के समुद्री संसाधन सलाहकार मुहम्मद मोज्जम खान ने इसकी वजह बताई. उनके मुताबिक, मानसून के दौरान समुद्र में फाइटोप्लैंकटन की संख्या बढ़ जाती है.

सितंबर के मध्य में मानसून खत्म होने लगता है. इसके साथ समुद्र की स्थिति भी बदलती है. ऐसे में बड़ी संख्या में मौजूद फाइटोप्लैंकटन सड़ने लगते हैं. इसी वजह से एक तेज और अजीब गंध पैदा होती है. समुद्र के पास रहने वाले लोगों को यह बदबू हवा में महसूस होती है. कई लोगों ने इसे मछली जैसी गंध बताया.

समुद्र की ऊपरी सतह पर मिलते हैं फाइटोप्लैंकटन

फाइटोप्लैंकटन समुद्र की ऊपरी करीब 100 मीटर की परत में पाए जाते हैं. यहां तक सूरज की रोशनी पहुंचती है. ये समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा हैं. मोज्जम खान के मुताबिक, ऐसी घटना कोई असामान्य प्राकृतिक घटना नहीं है. कराची में इससे पहले 2024 में भी इसी तरह की बदबू महसूस की गई थी. उन्होंने बताया कि इस बार भी गंध कुछ दिनों में धीरे-धीरे कम होने की संभावना है.

मौसम ने भी बढ़ा दी परेशानी

हालांकि सिर्फ समुद्र में फाइटोप्लैंकटन के सड़ने को ही वजह नहीं माना जा रहा. मौसम की स्थिति ने भी बदबू को फैलाने में भूमिका निभाई है. पाकिस्तान मौसम विभाग के प्रवक्ता अंजुम नजीर जैगम और जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञ फातिमा यामिन ने भी मौसम की स्थिति का जिक्र किया. यामिन के मुताबिक, भारत के जामनगर के तट के पास बना कम दबाव वाला क्षेत्र कराची के आसपास हवाओं के प्रवाह को प्रभावित कर रहा था. इसके साथ वायु प्रदूषण के कारण स्मॉग की स्थिति भी बनी हुई थी. ऐसे में बदबूदार हवा शहर के अलग-अलग हिस्सों में घूमती रही.

शाम तक हवा में हो सकता है सुधार

अंजुम नजीर जैगम ने भी कम दबाव वाले क्षेत्र, स्मॉग और दक्षिण-पूर्वी हवाओं को इस स्थिति से जोड़ते हुए बताया कि समुद्री हवा चलने के बाद शाम तक हवा की स्थिति बेहतर हो सकती है. कराची में अक्टूबर 2024 में भी कई इलाकों में इसी तरह की बदबू की शिकायत सामने आई थी. उस समय क्लिफ्टन, डीएचए, कोरंगी, सदर और कई अन्य इलाकों में लोगों ने तेज गंध महसूस की थी.

उस दौरान पारिस्थितिकी विशेषज्ञ रफीउल्लाह ने कहा था कि इसके स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर ठोस सबूत उपलब्ध नहीं थे, हालांकि धूल भरी हवाओं और बदबू के लंबे समय तक संपर्क से साइनस से जुड़ी परेशानी प्रभावित हो सकती है.

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Harshita Patel

Harshita Patel is working with News18 Hindi (hindi.news18.com) Central Desk since 2025. She has a good understanding of national, international, and local news, along with current affairs, gold rates, and resea…

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