Home Box Officeतमिलनाडु में सुबह 6 बजे खुल जाएंगे थिएटर, रात ढाई बजे तक होगी 6 फिल्मों की स्क्रीनिंग, CM Vijay का बड़ा फैसला – cm vijay approves 6 am shows in tamil nadu diwali releases movies get box office boost

तमिलनाडु में सुबह 6 बजे खुल जाएंगे थिएटर, रात ढाई बजे तक होगी 6 फिल्मों की स्क्रीनिंग, CM Vijay का बड़ा फैसला – cm vijay approves 6 am shows in tamil nadu diwali releases movies get box office boost

by BollywoodNewsAndMovie


तमिलनाडु में थिएटर मालिकों और दर्शकों के लिए खुशी की खबर है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने फिल्मों की स्क्रीनिंग के समय में एक बड़ा बदलाव किया है। नए आदेश के तहत, थिएटर अब नई तमिल फिल्मों को उनकी रिलीज के बाद एक हफ्ते तक सुबह 6 बजे से दिखा सकेंगे।

Thalapathy Vijay
थलपति विजय
चेन्नई: तमिलनाडु के सिनेमाघरों में अब नई फिल्मों की रिलीज के पहले हफ्ते में दिन भर में छह शो तक दिखाए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। नए फैसले के बाद अब तमिलनाडु में सुबह 6:00 बजे से लेकर रात 2:30 बजे तक शो चलाए जा सकेंगे। फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों और राज्य के मंत्रियों के बीच हुई बातचीत के बाद आए इस फैसले से मल्टीप्लेक्स मालिकों ने राहत की सांस ली है।

चेन्नई में ‘वेट्री थियेटर’ नाम के मल्टीप्लेक्स के मालिक राकेश ने इस घोषणा पर काफी खुशी जताई है। उन्होंने इसे कई हफ्तों की अनिश्चितता और प्रशासनिक परेशानियों के बाद मिली एक बड़ी जीत बताया है।

पहले एक दिन में होते थे 4 शो

इंडस्ट्री को पहले किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा, इस पर राकेश ने कहा कि जब तक सरकार से विशेष अनुमति नहीं मिल जाती, तब तक हम बुकिंग शुरू नहीं कर पाते थे। कुछ फिल्मों को अनुमति मिल जाती थी, जबकि कुछ को नहीं। यह बहुत बड़ी परेशानी थी। तमिलनाडु सिनेमा (विनियमन) नियम, 1957 के तहत, सिनेमाघरों में एक दिन में केवल चार शो दिखाने की ही सख्त पाबंदी थी।

पांचवां शो दिखाने के लिए भी था बड़ी थकाऊ प्रॉसेस

हालांकि, मौजूदा प्रशासन ने पहले ही रिलीज के शुरुआती हफ्तों, वीकेंड और सार्वजनिक छुट्टियों के दौरान पांचवां शो दिखाने की अनुमति दे दी थी, लेकिन सिनेमाघर मालिकों को इसके लिए बार-बार लंबी और थकाऊ मंजूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। अब सरकार ने नियमों में आधिकारिक तौर पर बदलाव कर दिया है, जिससे रिलीज के पहले हफ्ते के साथ-साथ वीकेंड, स्थानीय त्योहारों और सार्वजनिक छुट्टियों पर भी छह शो तक दिखाए जा सकेंगे।

खुशी के साथ चुनौती भी

जहां एक तरफ सिनेमाघर मालिक और दर्शक सुबह जल्दी होने वाले शो की वापसी का जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह फैसला पुरानी चुनौतियों की यादें भी ताजा कर देता है। साल 2023 में, अभिनेता अजित की फिल्म ‘थुनिवु’ की रिलीज के दौरान एक प्रशंसक की मौत हो गई थी, जिसके बाद एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार ने सुबह जल्दी होने वाले शो पर प्रतिबंध लगा दिया था। वह प्रशंसक फिल्म का सुबह का शो देखने जा रहा था, लेकिन रास्ते में एक ट्रक से गिर गया और उसकी मौत हो गई।

विजय ने पलटा स्टालिन का फैसला

अब, टीवीके (TVK) सरकार ने उस फैसले को पलट दिया है। हालांकि, कुछ लोग इसे लेकर चिंता जता रहे हैं कि रात भर चलने वाले शो के दौरान प्रशंसकों की भारी भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाएगा और सिनेमाघरों के गेट पर सुरक्षा की चुनौतियां कैसे संभाली जाएंगी। राकेश और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए, नीति में हुआ यह बदलाव एक सकारात्मक शुरुआत है। हालांकि, सिनेमाघर मालिकों का कहना है कि इंडस्ट्री के सामने अभी भी कई गंभीर आर्थिक चुनौतियां मौजूद हैं।

शशि मिश्रा

लेखक के बारे मेंशशि मिश्राशशि पांडेय मिश्रा नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रॉड्यूसर (Principal Digital Content Producer) हैं। वह नवभारत टाइम्स में महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र-प्रदेश, पंजाब-हरियाणा, केरल, गोवा समेत नॉर्थ ईस्ट के राज्य की खबरों पर काम करती हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 18 साल का लंबा अनुभव है। इस दौरान उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। शशि पांडेय मिश्रा ने सितंबर 2017 में नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्‍होंने अपनी पत्रकारिता के दौरान राजनीति, क्राइम, ह्यूमन ऐंगल स्टोरीज पर काम किया। इस दौरान समाजिक मुद्दों से जुड़े कई स्टिंग भी किए। कई स्पेशल खबरें कीं, जो नेशनल स्तर पर सुर्खियां बनीं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात चुनाव के दौरान स्पेशल ग्राउंड स्पोर्टिंग की। देश की राजनीति, पर्यावरण, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दे और क्राइम की खबरें लिखना पसंद है।

देश का राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना। उस खबर से भारत पर और लोगों पर क्या असर पड़ेगा इस पर काम करना प्राथमिकता है। इसके अलावा भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को खास खबर, खबर की सत्यता, पुष्ट खबरें और वीडियो के जरिए व‍िश्‍लेषण देना शशि पांडेय मिश्रा की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- भारत का राजनीतिक घटनाक्रम, पर्यावरण, क्राइम, स्वास्थ्य, महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर लिखना

पत्रकारिता अनुभव: अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया में 18 साल से कार्यरत

शशि पांडेय मिश्रा ने साल 2007 में पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण से की। उससे पहले अमर उजाला में इंटर्नशिप की। दैनिक जागरण के बाद आई नेक्स्ट में काम किया। फिर सहारा समय चैनल जॉइन किया। लेकिन लेखन का शौक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से वापस प्रिंट की तरफ ले आया। लखनऊ में कैनविज टाइम्स में काम किया और उसके बाद नवभारत टाइम्स अखबार में। यहां से नवभारत टाइम्स के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम की शुरुआत की। नवभारत टाइम्‍स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्‍थान की ओर से सम्‍मानित किया गया है। इससे पहले भी हर संस्थान में बेस्ट रिपोर्टिंग के अवॉर्ड मिले।

शशि पांडेय मिश्रा ने कानपुर यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रैजुएनशन किया है। उसके अलावा विद्या इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और जर्नलिज्म से पत्रकारिता की पढ़ाई की।

पुरस्कार: दैनिक जागरण कानपुर में पहली महिला पत्रकार होने का सम्मान मिला। आईनेक्स्ट में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स अखबार में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में भी अवॉर्ड मिला।

शशि पांडेय मिश्रा की स्पेशल खबरें
– सरकारी शेल्टर होम में अव्यवस्थाओं के लेकर स्पेशल खबर की। यहां अंदर कोई नहीं जा सकता था तो इस दौरान सफाई कर्मचारी बनकर अंदर गई और स्टिंग किया।
– कानपुर में राहुल गांधी की स्पेशल विजिट के दौरान डॉक्टर बनकर अस्पताल के अंदर गई और स्पेशल खबर निकाली।
– कानपुर जू में जानवरों की हालत और प्रदूषण पर लगातार स्पेशल स्टोरीज कीं, इन छपी खबरों के अखबार संसद के अंदर लहराकर मेनका गांधी ने सवाल उठाए। खबरों को संज्ञान लिया गया और बड़ा एक्शन हुआ।
– लखनऊ में विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक खिलौना पिस्तौल लेकर अंदर घुसी, लखनऊ के नामी स्कूलों में भी पिस्तौल लेकर घूमी और सुरक्षा में सेंध का स्टिंग किया।
– केंद्र सरकार की पालना गृह योजना में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया। खबरों को हाई कोर्ट ने संज्ञान में लिया और मामले में सीबीआई जांच बैठी।
– महिला सुरक्षा की जांच के लिए पूरी दिन और आधी रात तक 30 किलोमीटर पैदल चली और सुरक्षा के इंतजाम की पोल खोली।
– मायावती के सीएम रहने के दौरान स्पेशल खबर के लिए उस अस्पताल में मरीज बनकर भर्ती हुई, जहां उनकी विजिट थी और स्पेशल कवेज की।… और पढ़ें