Home Viralफैक्ट चेक: CJP के प्रदर्शन से पहले जंतर मंतर पर कूड़ा फैलाए जाने का नहीं है ये वीडियो – cjp protest viral video panipat municipal workers strike fact check ntc aktw

फैक्ट चेक: CJP के प्रदर्शन से पहले जंतर मंतर पर कूड़ा फैलाए जाने का नहीं है ये वीडियो – cjp protest viral video panipat municipal workers strike fact check ntc aktw

by BollywoodNewsAndMovie


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था. हालांकि, सुबह ही सीजेपी नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया.

 

इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो धड़ल्ले से वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ लोग एक कचरा उठाने वाली गाड़ी से सड़क पर कूड़ा फैलाते हुए नजर आ रहे हैं. कूड़ा रोड पर फैलते देख आसपास लोगों की भीड़ इकट्ठी हो जाती है. कुछ लोगों का कहना है कि सीजेपी के प्रदर्शन से पहले जानबूझकर इसे तरह से कूड़ा फैलाया जा रहा है.

 

वीडियो को फेसबुक पर पोस्ट करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से पहले नगर निगम की गाड़ियों द्वारा सड़क पर कचरा फैलाया जा रहा है. आखिर नरेंद्र जी और ज्ञानेश जी इतना डरे हुए क्यों हैं?”

 

 

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो दिल्ली के जंतर मंतर का है, और न ही सीजेपी के आंदोलन से इसका कोई लेना-देना है.

 

कैसे पता चली सच्चाई?

 

वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये 22 अगस्त के एक फेसबुक पोस्ट  में मिला. इतनी बात से ये साफ हो जाता है कि इस वीडियो का 10 अक्टूबर के आंदोलन से कोई संबंध नहीं है.

 

 

इस फेसबुक पोस्ट के कैप्शन में ‘पानीपत’ हैशटैग का इस्तेमाल किया गया था. इसी के साथ सड़क के किनारे एक नीले रंग के बोर्ड पर ‘श्री प्रेम मंदिर’ भी लिखा हुआ दिखाई देता है. गूगल मैप्स पर सर्च करने पर पता चला कि ये मंदिर पानीपत में है.

कीवर्ड सर्च के जरिये हमें ‘दैनिक भास्कर’ मिलीं. इनके मुताबिक, पानीपत नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर थे. 17 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने सुबह जीटी रोड और शहर के प्रमुख बाजारों में कूड़ा डाल दिया. निगम के मुताबिक शहर में करीब 100 टन कूड़ा जमा हो गया था. निगम प्रशासन ने जेसीबी से सड़क पर फैला कूड़ा किनारे तो करवा दिया, लेकिन उसे पूरे दिन उठाया नहीं जा सका.

 

कर्मचारी यूनियन का कहना था कि सरकार के दो मंत्रियों के साथ बातचीत में 17 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन तीन महीने बाद भी इनका नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ. इसके अलावा फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले दो कर्मचारियों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी की गई थी.

 

साफ है कि वायरल वीडियो हरियाणा के पानीपत में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान का है. इसका दिल्ली के जंतर मंतर या सीजेपी के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है.

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