केंद्रीय भैरवगढ़ जेल एक बार फिर अपनी कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में है। नवरात्रि के कल्चर प्रोग्राम के नाम पर जेल के अंदर पुरुष कैदियों को महिलाओं के कपड़े (साड़ी-लहंगा) पहनाकर गरबा नृत्य करवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आते ही शहरभर में आक्रोश और नाराजगी का माहौल है।
लोगों का कहना है कि नवरात्रि में गरबा कर माता की आराधना करना अच्छी बात है, लेकिन इसके लिए पुरुष कैदियों को महिलाओं के वस्त्र पहनाकर गरबे कराना पूरी तरह गलत है। जब जेल में महिला और पुरुष कैदियों की अलग-अलग व्यवस्था है और वे अलग-अलग गरबा कर आराधना करते हैं, तो फिर पुरुषों को महिलाओं के कपड़े पहनाने की क्या आवश्यकता थी? सूत्रों का कहना है कि भैरवगढ़ जेल के इतिहास में इसके पहले कभी ऐसा आयोजन नहीं हुआ, जिसमें पुरुष कैदियों को इस तरह महिलाओं के कपड़े पहनाकर नृत्य करवाया गया हो।
ये भी पढ़ें- सियासत: कोसमी में अब शिवराज के बेटे कार्तिकेय ने बताए तेवर, बोले-आदिवासियों से पहले अफसरों को हमसे टकराना होगा
वायरल वीडियो पर लोगों की नाराजगी
सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर सबसे ज्यादा यही कमेंटस आ रहे हैं कि जेल अपराधियों का सुधार गृह होती है, मनोरंजन का अड्डा नहीं। मनोरंजन के नाम पर पुरुष कैदियों को महिलाओं के कपड़े पहनाना और फिर माता की आराधना करवाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। यह भारतीय संस्कृति और गरबा की मर्यादा के खिलाफ है।
जेल में क्या चल रहा है?
जेल प्रशासन के अनुसार भैरवगढ़ जेल में कुल 2043 कैदी हैं, जिनमें 1951 पुरुष, 92 महिला कैदी और 3 बच्चे हैं। नवरात्रि पर इस साल 647 कैदी उपवास कर रहे हैं, जिनमें 603 पुरुष और 44 महिलाएं शामिल हैं। हर साल की तरह इस साल भी खंड-अ और खंड-ब में माता की प्रतिमा स्थापित की गई है और मां पद्मावती मंदिर में आराधना जारी है। प्रतिदिन शाम को बैंड की धुन पर 25 कैदी गरबा करते हैं।
जेल अधीक्षक की अजीब दलील
विवाद बढ़ने पर जेल अधीक्षक मनोज साहू ने सफाई में कहा- कोरम पूरा करने के लिए पुरुष बंदियों को साड़ियां पहनाई जाती हैं, इसका और कोई उद्देश्य नहीं है। जेल अधीक्षक तो इस पूरे मामलों को कोरम पूरा करने का बता रहे हैं लेकिन अब सवाल यही है कि क्या सिर्फ कोरम पूरा करने के लिए किसी भी पुरुष को महिला बनाकर गरबा करवाना क्या उचित है?

महिलाओं के कपड़े पहनकर गरबे करते पुरुष कैदी

महिलाओं के कपड़े पहनकर गरबे करते पुरुष कैदी

महिलाओं के कपड़े पहनकर गरबे करते पुरुष कैदी
