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हिंदी सिनेमा में कुछ अभिनेता-निर्देशक की जोड़ियां ऐसी रही हैं, जिन्होंने मिलकर बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा. कुछ ऐसी जोड़ियां रही हैं जिनका नाम सुनते ही ऑडियंस थिएटर्स में उमड़ पड़ती है. इसी फेहरिस्त में सनी देओल और राजकुमार संतोषी का नाम भी शामिल है. दोनों ने 6 साल की टाइमलाइन में 3 ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं और तीनों ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा, लेकिन इस साल जब ये जोड़ी वापस लौटी तो उनका फॉर्मूला बॉक्स ऑफिस पर काम नहीं आया.
नई दिल्ली. सनी देओल और राजकुमार संतोषी का नाम लेने से बॉलीवुड के सुनहरे दौर की यादें ताजा हो जाती हैं. दोनों ने साथ मिलकर कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं. इन फिल्मों का नाम हिंदी सिनेमा के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. इस जोड़ी ने महज 6 साल के भीतर ‘घायल’, ‘दामिनी’ और ‘घातक’ जैसी तीन यादगार और सफल फिल्में दीं.
करीब 30 साल बाद जब दोनों फिर साथ आए, तो उनकी पुरानी कामयाबी का जादू दोहराया नहीं जा सका. 90 के दशक में राजकुमार संतोषी और सनी देओल ने मिलकर पर्दे पर राज किया था. दोनों मारधाड़ और एक्शन से भरपूर फिल्मों से दर्शकों के दिलों पर राज करते थे.
सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी की शुरुआत साल 1990 में रिलीज हुई फिल्म ‘घायल’ से हुई थी. इस फिल्म में सनी देओल ने अजय मेहरा का किरदार निभाया था, जो अपने भाई के साथ हुई घटना का सच सामने लाने के लिए सिस्टम से भिड़ जाता है. फिल्म में सनी के एक्शन, गुस्से और दमदार डायलॉग्स ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया. राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और सनी देओल को एक बड़े एक्शन स्टार के तौर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई.
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‘घायल’ से सनी देओल खुद को बतौर एक्शन हीरो स्थापित करने में सफल रहे. दोनों की जोड़ी ने पर्दे पर ऐसा कहर ढाया कि सिनेमाघरों में नोटों की बारिश हो गई. ‘घायल’ की सफलता से ये साबित हो गया कि राजकुमार संतोषी की कहानी और सनी देओल का एक्शन एक-दूसरे के लिए बिलकुल परफेक्ट है.
‘घायल’ के बाद दोनों ने 1993 में ‘दामिनी’ के लिए साथ काम किया. मीनाक्षी शेषाद्रि और ऋषि कपूर अभिनीत इस फिल्म में सनी देओल ने वकील गोविंद का किरदार निभाया था. फिल्म में उनका ‘तारीख पर तारीख’ वाला डायलॉग पर्दे पर अमर हो गया. सनी देओल का वो कोर्टरूम सीन और वो तारीख पर तारीख वाला डायलॉग आज भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देता है. महिला के साथ हुए अपराध और उसे न्याय दिलाने की लड़ाई पर बनी इस फिल्म ने दर्शकों को प्रभावित किया. सनी देओल को इस फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला.
इसके बाद 1996 में ‘घातक’ रिलीज हुई. फिल्म में सनी देओल के साथ मीनाक्षी शेषाद्रि, अमरीश पुरी और डैनी डेन्जोंगपा जैसे कलाकार नजर आए. काशी के किरदार में सनी का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया. एक बार फिर राजकुमार संतोषी के निर्देशन और सनी की दमदार अदाकारी ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल किया. इन तीन फिल्मों ने इस जोड़ी को हिंदी सिनेमा की यादगार अभिनेता-निर्देशक जोड़ियों में शामिल कर दिया.
30 साल के लंबे ब्रेक के बाद सनी देओल और राजकुमार संतोषी ने साथ में वापसी की.दोनों की फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के जरिए करीब तीन दशक बाद वापसी हुई. भारत के विभाजन के बैकग्राउंड पर बनी इस फिल्म में सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल और करण देओल भी नजर आए. इसमें प्रीति जिंटा ने सनी देओल की पत्नी का रोल अदा किया था. शबाना आजमी ने बुढ़िया और अली फजल ने खतरनाक किरदार निभाया था.
फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं. इसकी वजह सिर्फ सनी देओल का नाम नहीं, बल्कि राजकुमार संतोषी के साथ उनकी पुरानी सफल साझेदारी भी थी. हालांकि, सिनेमाघरों में फिल्म को उम्मीद के मुताबिक दर्शक नहीं मिले और बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन कमजोर रहा. काफी उम्मीदों के साथ थिएटर में रिलीज हुई ‘बंटवारा 1947’ फ्लॉप निकल गई.
