कथित तौर पर पैसा लेने का वीडियो वायरल होने के बाद तहसील ओबरा में तैनात सर्वे कानूनगो एवं प्रभारी पेशकार सूबेदार सिंह को जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी विस्तृत जांच अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को सौंपी गई है। बताया गया कि सूबेदार सिंह का एक व्यक्ति से पैसा लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो वायरल होते ही मामला प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा। सरकारी व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी के खिलाफ सामने आए इस मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया और प्रारंभिक जांच कराई।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रकरण की पड़ताल करेंगे
जांच में प्रथम दृष्टया दोष सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई कर दी गई। निलंबन के साथ ही सूबेदार सिंह को तहसील घोरावल से संबद्ध किया गया है। उन्हें संबद्ध कार्यालय में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अनुपस्थित रहने पर भी रोक लगाई गई है।
अब जांच की अगली कड़ी में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) पूरे प्रकरण की विस्तृत पड़ताल करेंगे। वायरल वीडियो की परिस्थितियों, लगाए गए आरोपों और संबंधित तथ्यों की जांच के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। बचने के लिए तब तक अधिकारी को कार्यालय से अटैच किया गया है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार, अनियमितता और अनुशासनहीनता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की कार्रवाई से साफ है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दोषी पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

