ऑस्कर नामांकित एक्ट्रेस Barbara Barrie का 95 वर्ष की आयु में हुआ निधन
अभिनय की दुनिया में अमिट छाप
बारबरा बैरी की प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना ली थी। वर्ष 1964 में फिल्म ‘वन पोटैटो, टू पोटैटो’ में जूली के किरदार के लिए उन्हें कान फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह उपलब्धि उनके शानदार करियर की एक महत्वपूर्ण कड़ी रही। फिल्मों के अलावा, टेलीविजन जगत में भी उनका योगदान अतुलनीय रहा। लोकप्रिय टीवी सीरीज ‘बार्नी मिलर’ में एलिजाबेथ मिलर की भूमिका निभाकर उन्होंने दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। इसके अलावा, फिल्म ‘प्राइवेट बेंजामिन’ में गोल्डी हॉन की मां के रूप में उनके अभिनय को काफी सराहा गया। उनके काम की सराहना का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें 1981 में ‘ब्रेकिंग अवे’ पर आधारित टेलीविजन सीरीज के लिए एमी अवॉर्ड का नामांकन मिला था। साथ ही, थिएटर में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी और स्टीफन सोंडहाइम के नाटक ‘कंपनी’ में सारा की भूमिका के लिए टोनी अवॉर्ड के लिए नामांकित हुईं।
स्वास्थ्य संघर्ष और साहित्यिक योगदान
अभिनेत्री के स्वास्थ्य को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, वह टर्मिनल कैंसर से पीड़ित थीं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2014 में उन्हें इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस नामक फेफड़ों की गंभीर बीमारी का पता चला था, जो सांस लेने में कठिनाई पैदा करती है। अपने स्वास्थ्य संघर्षों के बावजूद, बारबरा बैरी ने लेखन के क्षेत्र में भी अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। उन्होंने बच्चों के लिए ‘लोन स्टार’ और ‘एडम जिगजैग’ जैसी पुस्तकें लिखीं। इसके अलावा, उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों और कैंसर के साथ संघर्ष को अपनी किताबों ‘सेकंड एक्ट’ और ‘डोंट डाई ऑफ एम्बैरसमेंट’ के माध्यम से साझा किया। बारबरा बैरी अपने पीछे एक समृद्ध विरासत छोड़ गई हैं। उनके परिवार में उनकी बेटी जेन हारनिक और बेटा आरोन हारनिक हैं। उनके पति और आर्टिस्टिक डायरेक्टर जे हारनिक का निधन वर्ष 2007 में हो गया था।
