तमिलनाडु में थिएटर मालिकों और दर्शकों के लिए खुशी की खबर है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने फिल्मों की स्क्रीनिंग के समय में एक बड़ा बदलाव किया है। नए आदेश के तहत, थिएटर अब नई तमिल फिल्मों को उनकी रिलीज के बाद एक हफ्ते तक सुबह 6 बजे से दिखा सकेंगे।

चेन्नई में ‘वेट्री थियेटर’ नाम के मल्टीप्लेक्स के मालिक राकेश ने इस घोषणा पर काफी खुशी जताई है। उन्होंने इसे कई हफ्तों की अनिश्चितता और प्रशासनिक परेशानियों के बाद मिली एक बड़ी जीत बताया है।
पहले एक दिन में होते थे 4 शो
इंडस्ट्री को पहले किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा, इस पर राकेश ने कहा कि जब तक सरकार से विशेष अनुमति नहीं मिल जाती, तब तक हम बुकिंग शुरू नहीं कर पाते थे। कुछ फिल्मों को अनुमति मिल जाती थी, जबकि कुछ को नहीं। यह बहुत बड़ी परेशानी थी। तमिलनाडु सिनेमा (विनियमन) नियम, 1957 के तहत, सिनेमाघरों में एक दिन में केवल चार शो दिखाने की ही सख्त पाबंदी थी।
पांचवां शो दिखाने के लिए भी था बड़ी थकाऊ प्रॉसेस
हालांकि, मौजूदा प्रशासन ने पहले ही रिलीज के शुरुआती हफ्तों, वीकेंड और सार्वजनिक छुट्टियों के दौरान पांचवां शो दिखाने की अनुमति दे दी थी, लेकिन सिनेमाघर मालिकों को इसके लिए बार-बार लंबी और थकाऊ मंजूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। अब सरकार ने नियमों में आधिकारिक तौर पर बदलाव कर दिया है, जिससे रिलीज के पहले हफ्ते के साथ-साथ वीकेंड, स्थानीय त्योहारों और सार्वजनिक छुट्टियों पर भी छह शो तक दिखाए जा सकेंगे।
खुशी के साथ चुनौती भी
जहां एक तरफ सिनेमाघर मालिक और दर्शक सुबह जल्दी होने वाले शो की वापसी का जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह फैसला पुरानी चुनौतियों की यादें भी ताजा कर देता है। साल 2023 में, अभिनेता अजित की फिल्म ‘थुनिवु’ की रिलीज के दौरान एक प्रशंसक की मौत हो गई थी, जिसके बाद एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार ने सुबह जल्दी होने वाले शो पर प्रतिबंध लगा दिया था। वह प्रशंसक फिल्म का सुबह का शो देखने जा रहा था, लेकिन रास्ते में एक ट्रक से गिर गया और उसकी मौत हो गई।
विजय ने पलटा स्टालिन का फैसला
अब, टीवीके (TVK) सरकार ने उस फैसले को पलट दिया है। हालांकि, कुछ लोग इसे लेकर चिंता जता रहे हैं कि रात भर चलने वाले शो के दौरान प्रशंसकों की भारी भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाएगा और सिनेमाघरों के गेट पर सुरक्षा की चुनौतियां कैसे संभाली जाएंगी। राकेश और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए, नीति में हुआ यह बदलाव एक सकारात्मक शुरुआत है। हालांकि, सिनेमाघर मालिकों का कहना है कि इंडस्ट्री के सामने अभी भी कई गंभीर आर्थिक चुनौतियां मौजूद हैं।

