– सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज हुई थी प्राथमिकी, शांति भंग की आशंका में एसडीएम न्यायालय भेजे गए सुनील यादव
इटवा। सपा ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव को पूछताछ के लिए थाने बुलाए जाने पर पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक नाराज हो गए। बुधवार देर रात से बृहस्पतिवार सुबह तक समर्थक इटवा थाने में डटे रहे। सुनील यादव को एसडीएम न्यायालय भेजे जाने तक समर्थक थाने में मौजूद रहे।
इस दौरान कुछ समर्थकों की ओर से पुलिस प्रशासन के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व में त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बेतनार गांव निवासी एक व्यक्ति ने थाने के उपनिरीक्षक पर अभद्रता का आरोप लगाया था। इस मामले में पूर्व मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने गांव पहुंचकर अधिकारियों से उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने धरने की चेतावनी भी दी थी।
पूर्व मंत्री के मुताबिक, इस मामले में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि वह किसी मामले की पैरवी या तो जल्दी नहीं करते हैं और यदि करते हैं तो उसका निस्तारण कराकर ही छोड़ते हैं। आरोप है कि सपा ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव ने पूर्व मंत्री के इस बयान को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उसमें ”या तो” की जगह ”यादव” शब्द लिख दिया।
इस पोस्ट के विरोध में मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के अगया गांव निवासी भाजपा के मंडल मीडिया प्रभारी प्रदीप कुमार यादव ने बुधवार को इटवा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर सुनील यादव को पूछताछ के लिए बुधवार देर रात थाने बुलाया था।
इस संबंध में थानाध्यक्ष अनिल कुमार दुबे ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। शांति भंग की आशंका को देखते हुए सुनील यादव को बृहस्पतिवार को एसडीएम इटवा के न्यायालय भेज दिया गया।
