जागरण संवादाता, कानपुर। 5600 करोड़ की ठगी के मामले में सरगना शाहजेब का खास दोस्त सेवानिवृत्त दारोगा के बेटे इखलाख उर्फ साहिल का रौब क्षेत्र में काफी था। पिता और ससुर के दारोगा होने के चलते उसने पुलिसवालों के बीच अपनी अच्छी पैठ बना रखी थी। उसकी साइबर सेल के कई पुलिसकर्मियों के साथ उसकी फोटो भी प्रचलित भी हुईं, जिसकी जांच साइबर टीम ही कर रही है।
चकेरी और जाममऊ के कई लोगों के नाम फर्जी फर्म बना खाते खुलवा वह ठगी की रकम भी मंगवा चुका है। उसके और भाइयों के खिलाफ चकेरी थाने में वर्ष 2025 मारपीट, धमकाने का मुकदमा भी दर्ज हैं। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, इखलाख वर्ष 2023 से दो-तीन माह में अपने भाई व साथियों के साथ खरीदारी करने दुबई जा रहा है। महीने भर पहले उसका भाई दुबई गया था। उसकी तीन दिन पहले लोकेशन नेपाल की मिली। पुलिस उस पर इनाम घोषित करने की तैयारी कर रही है।
साइबर टीम की पूछताछ में 5600 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना बेकनगंज निवासी शाहजेब इस गिरोह का सरगना है। उसके गिरोह में सावित्री नगर निवासी सेवानिवृत्त दारोगा ताजदार के बेटे इखलाख हुसैन, सलमान मो. आरिफ, एहतेशाम हुसैन, शाहवेज इलाही, मो. मुजम्मिल, मो. अनस, अर्सलान, दूसरे मुकदमे में जिले में बंद चांद सिद्दीकी, मो. अमान समेत 14 मुख्य लोग हैं।
इसमें इखलाख शाहजेब का काफी कारीबी साथी है, दोनों शहर में रहने के दौरान ज्यादातर चकेरी-जाजमऊ क्षेत्र या मालरोड में दिखते थे। इखलाख ने मुरे कंपनी पुल के पास लीज पर एक होटल भी ले रखा है, जहां वह साथियों को बुलाकर लोगों के म्यूल खाते खुलवाने के लिए दस्तावेज तैयार कराता था।
चकेरी क्षेत्र के एक सूत्र ने बताया कि इखलाख पुलिसकर्मियो के बीच ज्यादा रहने की वजह से उसके अंदर किसी तरह का डर नहीं था। वह लोगों के लोन दिलाने के बहाने फर्जी फर्म के दस्तावेज बनवाकर करंट खाते खुलवाता और ठगी की रकम डलवाकर निकलवा देता। अगर कोई विरोध करता तो पुलिसकर्मियों को उसके घर या आफिस भेज फर्जीवाड़ा का आरोप लगा धमकी भी दिलवा देता था।
16 मार्च 2025 को सावित्री नगर निवासी मो. हैदर ने इखलाख उर्फ साहिल, भाई राहिल व एक अन्य सैफ के खिलाफ पर रास्ते में घेरकर गाली-गलौज कर राड व ईंट से हमला कर लहूलुहान करने का आरोप लगा मुकदमा कराया था। आरोप था कि उसके पिता पुलिस विभाग में होने के चलते पुलिस गिरफ्तार नहीं करती, बल्कि शिकायत करने वालों पर ही फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए जाते थे। पीड़ित के अनुसार, वह लहूलुहान होने के चलते मुकदमा दर्ज हुआ था।
