Home ViralSilent City Of India,‘भारत की सबसे साइलेंट सिटी’, चौराहे पर खड़ी होकर जब महिला ने बंद किया बोलना, लोग बोले- भाई शांति तो है – silent city of india traveller lady shows disciplineness on street people calls it peaceful – Viral news News

Silent City Of India,‘भारत की सबसे साइलेंट सिटी’, चौराहे पर खड़ी होकर जब महिला ने बंद किया बोलना, लोग बोले- भाई शांति तो है – silent city of india traveller lady shows disciplineness on street people calls it peaceful – Viral news News

by BollywoodNewsAndMovie


India’s Silent City: मुंबई से लेकर दिल्ली जैसे बड़े शहरों में आपको ढेर सारा अच्छा खाना और कई प्रकार के ऐशो आराम मिल जाएंगे। लेकिन जो चीज नहीं मिलेगी, वह हैं ‘शांति’। NCR में तो कुछ इलाकों में लोग बाइक में भी ‘ट्रैक्टर’ वाला हॉर्न लगा लेते हैं। मगर महिला ने भारत का वो सबसे शांत शहर दिखाया है। जहां चौराहे पर भी शांति नजर आती है।

Silent City Of India
भारत का सबसे शांत शहर
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी के बीच पड़ने वाली बड़े से बड़े और छोटे से छोटे शहर में जो चीज सबसे कम उपलब्ध है। वो एक महिला ट्रैव्लर को भारत के पूर्वोत्तर में मिलती है। सोचिए, आप भारत में है और किसी चौराहे पर खड़े हैं। लेकिन एक गाड़ी बेमतलब हॉर्न नहीं बजा रही, लोग नियमों का ध्यान रखते हुए ड्राइविंग कर रहे हैं। सोचिए आप किस शहर में है? जी हां, ये भारत के नॉर्थइस्ट में स्थित मिजोरम की राजाधानी है।

नॉर्थ-ईस्ट की सुंदरता!

नॉर्थ-ईस्ट की सुंदरता!

सुंदरता के मामले में नॉर्थ-ईस्ट का कोई जवाब नहीं है। लेकिन वहां के लोग भी नियम-कानून का सख्ती से पालन करते हैं। मिजोरम में बेमतलब वहां सड़क पर चलने वाले भी हॉर्न नहीं बजाते हैं। मिजोरम की राजधानी आइजोल के एक बिजी रोड पर खड़ी होकर जॉयिता नाम की ट्रैवल व्लॉगर ने जो वीडियो बनाया है। वो अपनी ‘शांति’ के चलते वायरल हो गया है।

मैं बोलना बंद करूंगी और आप सुनो!

मैं बोलना बंद करूंगी और आप सुनो!

जॉयिता बताती है कि वो इस समय आइजोल की एक बिजी चौक पर खड़ी है। उनके पीछे ढेर सारी गाड़ियां भी आती जाती नजर आती है। इस बीच जॉयिता बोलती है कि वो बोलना बंद करेंगी और हमें सुनना है कि ‘क्या एक भी हॉर्न की आवाज आ रही है या नहीं?’ उनके चुप होने के बाद गाड़ियों के चलते की आवाज जरूर आती है, मगर कोई हॉर्न नहीं बजा रहा होता है। जिसके बाद जॉयिता सिटी का नाम बता देती है।

और क्या-क्या नोटिस किया?

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अपने आइजोल ट्रिप के बारे में जॉयिता बताती हैं कि उन्होंने वहां जो महसूस किया वो अलग था। ना कोई हॉर्न बजा रहा है, ना कोई हड़बड़ी है और ना ही कोई जल्दी में भाग रहा है। उन्होंने आवाज सुनने का बहुत इंतजार किया। लेकिन वो नहीं है। यहां पर लोग तभी हॉर्न बजाते हैं, जब जरूरी हो। अपने कैप्शन में जॉयिता यह भी पूछती है कि क्या आप इतनी शांति पसंद करते हैं?

एक हॉर्न और जेब खाली?

एक हॉर्न और जेब खाली?

बताते चलें कि मिजोरम में हॉर्न बजाने को एक खराब आदत माना जाता है। आइजोल को एक ‘नो हॉन्क सिटी’ भी कहा जाता है। बेमतलब हॉर्न बजाने पर मिजोरम में आपको इस तरह देखा जाता है, जैसे आपने कोई बड़ी गलती कर दी हो। जॉयिता की वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा कि दिल्ली में तो बाइक वाले भी ट्रक का हॉर्न लगाकर बजाते हैं।

Prakhar Pandey

लेखक के बारे मेंPrakhar Pandeyप्रखर पाण्डेय नवभारतटाइम्स.कॉम में सीनियर ड‍िज‍िटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं और पिछले 3.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वायरल जर्नलिज्म में विशेषज्ञता रखने वाले प्रखर ने अब तक 3100 से अधिक लेख लिखे हैं। वह सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X/Twitter, Reddit, Threads और Facebook) की नब्ज पहचानने में माहिर हैं। प्रखर की विशेषता केवल ट्रेंड्स को पकड़ना ही नहीं, बल्कि इंडियन रेलवे और ट्रेन यात्राओं से जुड़ी ऐसी ‘फ्रेश’ और ‘यूनिक’ खबरें सामने लाना है, जो सीधे आम आदमी के जीवन को प्रभावित करती हैं।प्रखर मानते हैं कि ‘वायरल’ होने का अर्थ केवल सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि कंटेंट की गहराई और उसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित करना है। यही कारण है कि वे किसी भी सोशल मीडिया स्टोरी को पब्लिश करने से पहले मूल सोर्स या पोस्ट करने वाले व्यक्ति से संपर्क कर उसकी सत्यता की जांच करते हैं। साल 2025 में उनके द्वारा कवर की गई ‘ढाबे पर फौजियों’ की कहानी इसका प्रमाण है, जिसने न केवल लोगों को दिल जीता, बल्कि अपनी विश्वसनीयता के कारण सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना भी पाई।एक Gen-Z लेखक होने के नाते प्रखर को आज की युवा पीढ़ी की पसंद और डिजिटल व्यवहार की गहरी समझ है। वे वायरल कंटेंट के ‘हल्केपन’ को कम करने के लिए उसमें मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सीख को पिरोते हैं, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उससे जुड़ाव महसूस करें। मनोरंजन, खेल और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर उनकी पैनी नजर उनके लेखों को अधिक सूचनात्मक और ट्रेंडी बनाती है।शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो प्रखर ने फिल्म सिटी स्थित गुलशन कुमार जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट (नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त) से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में BA किया है। इसके अलावा, उन्होंने प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज से राजनीति विज्ञान में MA की डिग्री हासिल की है। यह शैक्षणिक आधार उन्हें खबरों को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से समझने में मदद करता है।नवभारत टाइम्स के साथ जुड़ने से पहले, प्रखर ने करीब पौने दो साल जागरण.कॉम में अपना योगदान दिया था, जहां उन्होंने स्पोर्ट्स, एस्ट्रो और लाइफस्टाइल जैसी विभिन्न बीट्स पर हजारों वेब स्टोरीज कवर कीं। प्रखर का उद्देश्य जटिल से जटिल खबर को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है, ताकि वह हर आम आदमी के लिए उपयोगी साबित हो सके।और पढ़ें