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Bihar News; Mount Litera Zee School Patna restricted Online Exam for 2 students for not depositing Transportation fee

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पटना6 वर्ष पहले

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माउंट लिट्रा स्कूल की यह तस्वीर पटना की नहीं है। इसे प्रतीकात्मक तौर पर इस्तेमाल किया गया है। - Dainik Bhaskar

माउंट लिट्रा स्कूल की यह तस्वीर पटना की नहीं है। इसे प्रतीकात्मक तौर पर इस्तेमाल किया गया है।

  • कोविड में बंद स्कूल पैरैंट्स से जबरन वसूल रहे डेलवमेंट और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज
  • अब दूसरे स्कूल में अपने बच्चों का एडमिशन कराने में जुटे हैं बैंक मैनेजर पिता

कोराना वायरस की वजह से पिछले साल सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया था। कई महीने बाद स्कूल की तरफ से ऑनलाइन क्लास स्टार्ट हुआ। इसके लिए भी सरकार और प्रशासन से गाइडलाइन जारी किया गया था। स्टूडेंट्स घर से ही ऑनलाइन ही पढ़ रहे थे। हर कोई इस बात से वाकिफ है कि स्कूल बंद होने की वजह से उनकी बसें भी नहीं चली। अब राजधानी के स्कूल खुल चुके हैं। अधिकांश स्कूलों में एग्जाम चल रहा है। ऐसे में स्कूल की मनमानी और दादागिरी की बात भी सामने आ रही है। मामला पटना के शगुना मोड़-खगौल रोड में स्थित माउंट लिट्रा स्कूल का है। इस स्कूल ने स्टूडेंट्स के पैरेंट्स से डेवलपमेंट चार्ज के रूप में हजारों रुपए वसूले। अधिकांश पैरेंट्स ने रुपए भर दिए। जब बारी एग्जाम की आई तो ट्रांसपोर्टेशन चार्ज की भी डिमांड कर दी गई। वो भी उस पीरियड का, जिसमें कोविड की वजह से सारे स्कूल बंद थे। अब पैरेंट्स सीधा सवाल कर रहे हैं कि जब स्कूल चली नहीं और बसें आई ही नहीं, तो इसका चार्ज क्यों दें? इसके बाद स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन ने एक साथ दो सगे भाइयों को ऑनलाइन एग्जाम में बैठने से सीधे मना कर दिया।

बैंक मैनेजर के थे दोनों बेटे

माउंट लिट्रा स्कूल में एक प्राइवेट बैंक के ब्रांच मैनेजर के दो बेटे पढ़ते थे। ब्रांच मैनेजर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले हैं। पटना में अपने परिवार के साथ खगौल इलाके में रहते हैं। इनके दो बेटे क्लास 5D और क्लास 1D के स्टूडेंट थे। स्कूल की तरफ से डेवलपमेंट चार्ज मांगे जाने पर बैंक मैनेजर ने 12 जनवरी को 7500-7500 करके दोनों बेटों के एवज में कुल 15 हजार रुपया जमा कर दिया। आरोप है कि इसके बाद ही स्कूल मैनेजमेंट की तरफ से उन्हें ट्रांसपोर्टेशन चार्ज जमा करने को कहा गया।

स्कूल के एप पर मांगी गई फीस की डिटेल।

स्कूल के एप पर मांगी गई फीस की डिटेल।

नहीं देने पर ऑनलाइन टेस्ट से कर दिया बाहर

ट्रांसपोटेशन चार्ज को लेकर बैंक मैनेजर ने स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन से मिलकर अपना पक्ष रखा। सीधे तौर पर कहा कि कोरोना काल में स्कूल बंद था। स्टूडेंट्स आए नहीं और बसें चली नहीं। ऐसे में किस बात का ट्रांसपोटेशन चार्ज दें? इनका दावा है कि स्कूल एडिमिनिस्ट्रेशन ने उनसे पूरे पीरियड का 18 हजार रुपया मांगा था। दोनों बच्चों के 36 हजार रुपए जमा करने को कहा गया। जब रुपए जमा नहीं किए तो स्कूल ने ऑनलाइन एग्जामिनेशन में दोनों को बैठने नहीं दिया। स्कूल के एप को बंद कर दिया। इस रवैये से पिता का मन दुखी हो गया है। वो अब पटना के दूसरे स्कूलों में अपने दोनों बेटों का एडमिशन कराने में लगे हुए हैं। भास्कर के पास पिता और बच्चों के नाम हैं। हालांकि, उन्हें भविष्य में कोई दिक्कत न हो, इसलिए सभी नामों को गुप्त रखा गया है।

एप पर आया Access Restricted का मैसेज।

एप पर आया Access Restricted का मैसेज।

स्कूल वालों ने नहीं रिसीव किया कॉल

इस पूरे मामले पर स्कूल का पक्ष लेने के लिए कॉल किया गया। एक बार नहीं बल्कि दो बार कॉल किया गया। लेकिन, स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से कोई रिस्पांस नहीं मिला। मोबाइल नंबर 8102917008 स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन का है। मंगलवार की शाम इस नंबर पर कॉल किया गया, पर किसी ने रिसीव ही नहीं किया।

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