जौनपुर। बीते दिनों हुई बारिश के बाद से मौसम में बदलाव हुआ है। शुक्रवार की सुबह हल्की धुंध छाई रही। शाम को हल्की ठंड महसूस हुई। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू-भौतिकी विभाग, बीएचयू वाराणसी के तकनीकी अधिकारी एवं मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह के अनुसार छह से नौ अक्तूबर के दौरान गरज-चमक, तेज हवा और बारिश के बाद किसानों को फसलों की अवस्था के अनुसार विशेष देखभाल करने की जरूरत है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 10 से 13 अक्तूबर तक किसी विशेष मौसमी चेतावनी की संभावना नहीं है। हालांकि, स्थानीय मौसम में बदलाव संभव है। शाम के समय अब हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। बारिश के बाद खेतों में जलभराव और मिट्टी में ज्यादा नमी होने से फसलों में रोग और कीट का खतरा बढ़ सकता है। धान की फसल इस समय दूधिया अवस्था और दाना भरने के महत्वपूर्ण चरण में है। तेज हवा से फसल गिरने और खेतों में पानी जमा रहने से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को अतिरिक्त पानी निकालने के साथ मिट्टी में पर्याप्त नमी बनाए रखने की सलाह दी गई है। मिर्च में फूल और फल बनने तथा अरहर में फूल एवं फली बनने की अवस्था को देखते हुए संतुलित नमी रखें और फलीछेदक कीट की नियमित निगरानी करें। भिंडी और कद्दूवर्गीय सब्जियों की समय से तुड़ाई करें। रोगग्रस्त फलों को अलग रखें और तुड़ाई के बाद सब्जियों को छायादार व हवादार स्थान पर रखें। पत्तागोभी और फूलगोभी की फसल की अवस्था के अनुसार देखभाल करें। रोग या कीट की सही पहचान के बिना रासायनिक दवाओं का छिड़काव न करें।
