कार्डबोर्ड से तैयार किया गया विमान का कॉकपिट: बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम अक्सर माता-पिता और शिक्षकों के लिए चिंता का विषय रहता है। लेकिन राजस्थान के अजमेर जिले में रहने वाले छठी कक्षा के एक बच्चे ने अपनी तकनीकी सोच और रचनात्मकता से कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है।
सोशल मीडिया वायरल वीडियो
वायरल वीडियो में बच्चे की जिज्ञासा, मेहनत और क्रिएटिविटी साफ नजर आ रही है। उसने घर पर ही कार्डबोर्ड, साधारण बटन और आसपास आसानी से मिलने वाली चीजों की मदद से प्लेन के कॉकपिट का एक मॉडल तैयार कर दिया। खास बात यह है कि यह कोई बाजार से खरीदा हुआ मॉडल नहीं है, बल्कि बच्चे ने इसे अपनी मेहनत और सोच के दम पर खुद तैयार किया है। कॉकपिट के इस मॉडल में उसकी बारीकी पर पकड़, धैर्य और कुछ नया सीखने की इच्छा दिखाई देती है।बच्चे ने अपने मॉडल को इतनी खूबसूरती और बारीकी से तैयार किया है कि वह न सिर्फ इसे दूसरों को दिखा सकता है, बल्कि इसके जरिए दूसरे बच्चों को भी कुछ नया बनाने और सीखने के लिए प्रेरित कर सकता है।
देखें वीडियो-
बच्चे की क्रिएटिविटी ने जीता पायलटों का दिल
वीडियो देखकर लोग बच्चे की प्रतिभा की जमकर तारीफ कर रहे हैं। खास बात यह है कि बच्चे की इस क्रिएटिविटी को प्लेन उड़ाने वाले पायलटों से भी खूब सराहना और प्यार मिल रहा है। बता दें कि, इस मॉडल के अलावा भी बच्चे ने कई तकनीकी और क्रिएटिव चीजें तैयार की हैं। खास बात यह है कि मोबाइल की लत से दूर रहकर छठी कक्षा का यह बच्चा अपनी जिज्ञासा और रचनात्मकता को नई दिशा दे रहा हैं। उसकी ये छोटी-छोटी कोशिशें न सिर्फ उसकी प्रतिभा को निखार रही हैं, बल्कि पायलट बनने के उसके सपने की ओर बढ़ते कदमों की मजबूत नींव भी तैयार कर रही है।
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वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
बच्चे की क्रिएटिविटी के इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे में खुद प्लेन उड़ाने वाले एक कैप्टन ने कमेट किया- हाय कैप्टन, बड़े सपने देखो, खूब मेहनत कर और कभी भी अपने सपनों में विश्वास करना ना छोड़ो। याद रखना कि हर कैप्टन कभी ना कभी बच्चा होता है, जिसने कभी प्लेन उडा़ने का सपना देखा होता है। आसमान तुम्हारा इंतजार कर रहा बच्चे। दूसरे कैप्टन ने भी बंदे को सपना देखते रहने की सलाह दी है।
बच्चे की इस अनोखी पहल ने एक बार फिर साबित किया है कि सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए तो बच्चों की तकनीकी सोच और रचनात्मकता उन्हें कुछ नया और खास करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
