केदारनाथ धाम में रील बनाने का वीडियो वायरल (Photo-Viral Video)
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम में देशभर से आस्था लेकर पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बीच सामने आए दो वायरल वीडियो ने धाम की व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है. एक वीडियो में कुछ तीर्थ यात्री पूजा-पाठ और दर्शन के नाम पर कथित रूप से धनराशि मांगे जाने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में मंदिर प्रांगण में डांस करते हुए रील बनाए जाने का मामला सामने आया है. दोनों वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद केदारनाथ धाम की व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं.
कथित वसूली के आरोपों पर यात्रियों का आक्रोश: वायरल वीडियो में कुछ तीर्थ यात्री कथित तौर पर पंडा समाज की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते और पूजा-अर्चना एवं दर्शन के नाम पर मनमानी वसूली के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं. यात्रियों का कहना है कि बाबा केदार के दर्शन के लिए हजारों किलोमीटर की यात्रा कर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के नाम पर किसी प्रकार के आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना चाहिए.श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठानों और संबंधित शुल्क व्यवस्था में स्पष्टता तथा पारदर्शिता की मांग उठाई है.
धार्मिक मर्यादा पर भी सवाल: दूसरे वायरल वीडियो ने मामला और गंभीर कर दिया है. वीडियो में केदारनाथ मंदिर प्रांगण में कुछ लोग डांस करते हुए रील बनाते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में मोबाइल, वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया कंटेंट से जुड़े नियमों के प्रभावी अनुपालन तथा निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि केदारनाथ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है.
वायरल वीडियो से सामने आए मामलों को समिति ने गंभीरता से लिया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से केदारनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. तीर्थ यात्रियों से धाम की धार्मिक महत्ता और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए संयम बनाए रखने की अपील की जा रही है.
-विजय कप्रवाण, उपाध्यक्ष, बदरी केदार मंदिर समिति-
परिसर में रील बनाने पर है प्रतिबंध: ऐसे में मंदिर की धार्मिक गरिमा और मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए. सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि परिसर में रील बनाने पर प्रतिबंध और निगरानी व्यवस्था लागू है, तो ऐसी गतिविधियां कैमरे में कैद होकर सोशल मीडिया तक कैसे पहुंच रही हैं. दोनों वायरल वीडियो ने मंदिर व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार तंत्र के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. श्रद्धालु पूजा-पाठ एवं शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ-साथ मंदिर प्रांगण में नियमों के समान रूप से पालन की मांग कर रहे हैं. अब निगाहें मंदिर समिति, प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं. वायरल वीडियो की सत्यता और उनमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी.
पढे़ं-
