संवाद सहयोगी, बौंसी (बांका)। Banka Mandar Parvat Viral Video FIR: जमुई के मड़वा पहाड़ पर नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी का मामला अभी थमा भी नहीं था कि बांका जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मंदार पर्वत से भी एक संवेदनशील व शर्मनाक घटना सामने आई है। मंदार पर्वत पर भ्रमण करने आई एक युवती के साथ कुछ युवकों द्वारा अश्लील हरकत और अभद्र व्यवहार किए जाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद बौंसी थाना पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए अज्ञात छह से सात युवकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार, प्रसारित वीडियो करीब एक माह पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, दैनिक जागरण इस प्रसारित वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
मामले के संबंध में बौंसी थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा ने बताया कि व्हाट्सएप के माध्यम से पुलिस को एक आपत्तिजनक वीडियो प्राप्त हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने मंदार पर्वत पहुंचकर स्थल का भौगोलिक सत्यापन किया। गहन जांच-पड़ताल में यह स्पष्ट हो गया कि वीडियो मंदार पर्वत परिसर का ही है।
इसके बाद अज्ञात मनचलों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस अब वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों और पीड़ित युवती की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पर्वत की तलहटी में स्थित दुकानदारों, स्थानीय ग्रामीणों और पुजारियों से पूछताछ कर रही है।
4 हजार पर्यटकों की आमद, सुरक्षा में महज 4 जवान
इस घटना के प्रकाश में आने के बाद मंदार पर्वत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व होने के कारण मंदार पर्वत पर बिहार, झारखंड, बंगाल सहित देश के कोने-कोने से प्रतिदिन औसतन तीन से चार हजार पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। सप्ताहांत (वीकेंड) और छुट्टियों में यह तादाद और बढ़ जाती है।
मंदार पर्वत वीडियो प्रकरण: मुख्य तथ्य
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घटनास्थल: मंदार पर्वत क्षेत्र, थाना- बौंसी (बांका)।
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कानूनी कार्रवाई: 6 से 7 अज्ञात युवकों के खिलाफ BNS और IT एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज।
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वीडियो की समय-सीमा: प्राथमिक जांच में लगभग एक माह पुराना।
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सत्यापन: बौंसी पुलिस टीम द्वारा पर्वत पर पहुंचकर वीडियो और भौगोलिक पृष्ठभूमि का मिलान किया गया।
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सुरक्षा की वर्तमान स्थिति: 3,000 से 4,000 दैनिक सैलानियों की सुरक्षा का जिम्मा महज 4 पुलिस जवानों पर।
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मुख्य प्रशासनिक मांग: मंदार पर्वत पर पूर्णकालिक पर्यटन थाना की अविलंब स्थापना।
हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े और दुर्गम पहाड़ी परिक्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा महज चार पुलिस जवानों के कंधों पर है। पर्वत का दायरा काफी विस्तृत, पथरीला और झाड़ियों से घिरा होने के कारण इतने सीमित बल से प्रत्येक कोने पर नजर रख पाना व्यावहारिक रूप से असंभव है। इसी सुरक्षा शून्यता का लाभ उठाकर असामाजिक तत्व और मनचले सैलानियों, विशेषकर महिला पर्यटकों को निशाना बनाते हैं।
लंबे समय से लंबित है पर्यटन थाना, बढ़ी चिंताएं
स्थानीय नागरिकों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि मंदार पर्वत पर स्थायी पर्यटन थाना स्थापित करने का प्रस्ताव लंबे समय से प्रशासनिक फाइलों में अटका हुआ है। यदि मंदार में पर्यटन थाना खुल जाता है, तो पर्वत के शिखर, पापहरणी सरोवर और संपर्क मार्गों पर चौबीसों घंटे नियमित पुलिस गश्ती बहाल हो सकेगी, जिससे असामाजिक तत्वों में कानून का खौफ पैदा होगा।
हाल ही में जमुई में हुई घटना के बाद अब मंदार पर्वत से सामने आए इस मामले ने राज्य के प्रमुख पिकनिक और पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वीडियो में दिख रहे सभी आरोपितों को शीघ्र चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए और पर्वत पर स्थायी पुलिस पिकेट की तैनाती की जाए।
