डिजिटल डेस्क, दमोह। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती बीमार बेटे की मां से फर्श पर पोछा लगवाने का वीडियो रविवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत भी गरमा गई।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। वहीं मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित ड्यूटी नर्सिंग ऑफिसर, सफाई एजेंसी और सहायक अस्पताल प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बीमार बेटे का इलाज कराने पहुंची थी महिला
जानकारी के अनुसार तेजगढ़ क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी 58 वर्षीय हल्की बहू अपने बीमार बेटे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंची थीं। बताया गया है कि उनका बेटा डायरिया से पीड़ित था। इसी दौरान अस्पताल के फर्श पर गंदगी फैल गई। आरोप है कि महिला को ही फर्श पर फैली गंदगी साफ करने के लिए कह दिया गया।
इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला अस्पताल के फर्श पर पोछा लगाती दिखाई दे रही हैं। महिला के मुताबिक ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उन्हें फर्श पर फैली गंदगी साफ करने के लिए कहा था। हालांकि इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना
वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फेसबुक पर इस घटना को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि यह दृश्य दमोह के सरकारी अस्पताल का है और पोछा लगा रही महिला मरीज की मां है। पटवारी ने इसे लाचारी की इंतहा बताते हुए मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या अस्पताल में स्टाफ की कमी है, कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है या फिर सरकारी धन भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ रहा है।
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को मिलने वाली सुविधाओं के साथ-साथ सफाई व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिविल सर्जन बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई
मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल ने कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रकरण अभी उनके संज्ञान में आया है। संबंधित ड्यूटी नर्सिंग ऑफिसर, सफाई एजेंसी और सहायक अस्पताल प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
सिविल सर्जन के अनुसार मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मां से पोछा लगवाने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि पर्याप्त कर्मचारियों और नियमित भुगतान के बावजूद अस्पताल में सफाई व्यवस्था इस कदर लचर क्यों है कि मरीज के परिजन से ही साफ-सफाई के लिए कहा जाए।।
बेटे की हालत में सुधार, जांच पर टिकी निगाहें
बताया जा रहा है कि उपचार के बाद महिला के बेटे की सेहत में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि आखिर अस्पताल में सफाई की जिम्मेदारी निभाने के बजाय मरीज की मां को पोछा लगाने के लिए क्यों कहा गया।
अब सबकी निगाहें अस्पताल प्रबंधन की जांच और प्रस्तावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
