नानी की फिल्म ‘द पैराडाइज’ रिलीज के बाद लगातार चर्चा में बनी हुई है. फिल्म को लेकर जहां ऑडियंस की राय बंटी हुई है, वहीं कमाई के आंकड़ों ने फिल्म की टीम को राहत दी है. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की बंपर कमाई से कास्ट और क्रू काफी खुश है. इसी खुशी को जाहिर करते हुए एक्ट्रेस सोनाली कुलकर्णी ने पैपराजी के साथ केक काटकर इस खास मौके को सेलिब्रेट किया.
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में सोनाली पैपराजी के बीच केक काटती दिख रही हैं. इस दौरान वह फिल्म की सफलता को लेकर काफी खुश नजर आईं. उन्होंने इस मौके पर ‘द पैराडाइज’ के साथ-साथ फिल्म के गाने ‘सम्मक्का’ का भी जिक्र किया. सोनाली ने फिल्म से जुड़े लोगों और ऑडियंस का शुक्रिया भी अदा किया.
नानी की मां का रोल निभाने पर क्या बोलीं सोनाली?
‘द पैराडाइज’ में सोनाली कुलकर्णी ने नानी की मां समक्का का किरदार निभाया है. फिल्म में अपने रोल को लेकर एक्ट्रेस ने बीते दिनों बात की थी. सोनाली ने कहा था, ‘समक्का को सिर्फ नानी की मां के तौर पर देखना सही नहीं होगा. इस किरदार की अपनी कहानी और अपनी पहचान है.’
सोनाली ने इससे पहले भी फिल्मों में मां के किरदार निभाए हैं. हालांकि, उनका मानना है कि किसी एक किरदार की वजह से उन्हें एक ही तरह के रोल्स तक सीमित नहीं किया गया. उन्होंने अपने करियर में अलग-अलग तरह के रोल्स किए हैं और इसी वजह से समक्का भी उनके लिए सिर्फ एक मां का किरदार नहीं है.
नानी की फिल्म ने पहले दिन ही मचा दी थी हलचल
‘द पैराडाइज’ ने सिनेमाघरों में दस्तक देते ही अच्छी शुरुआत की थी. फिल्म ने पहले दिन भारत में करीब 34.65 करोड़ रुपये कमाए. इसे नानी की फिल्मों की सबसे बड़ी ओपनिंग बताया गया.
हालांकि, शुरुआती कमाई के बाद फिल्म की रफ्तार कुछ धीमी हुई. फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों के रिएक्शंस भी अलग-अलग रहे. कुछ लोगों ने इसकी कहानी और प्रसेंटेशन को पसंद किया, तो कुछ को फिल्म उम्मीद के मुताबिक नहीं लगी.
100 करोड़ के आंकड़े तक ऐसे पहुंची फिल्म
सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने भारत में अपने पहले हफ्ते में करीब 108 करोड़ रुपये का कारोबार किया है. वहीं दुनियाभर में इसकी कमाई करीब 158 करोड़ रुपये हुई. इसी कमाई के बाद फिल्म से जुड़े लोगों के बीच जश्न का माहौल है. सोनाली का पैपराजी के साथ केक काटना भी इसी खुशी का हिस्सा था.
क्या है ‘द पैराडाइज’ की कहानी?
यह फिल्म श्रीकांत ओडेला के निर्देशन में बनी है. इसकी कहानी 1980 के दशक की सवारी जनजाति से जुड़ी है, जो अपनी पहचान और अधिकार के लिए संघर्ष कर रही है. फिल्म में नानी के अलावा सोनाली कुलकर्णी, मोहन बाबू, कायडू लोहार और राघव जुयाल कई जरूरी किरदार निभा रहे हैं.
