संवाद सहयोगी, नवगछिया। Naugachia Rangra Police Station Liquor Deal Viral Audio: बिहार में मद्यनिषेध कानून को कड़ाई से लागू कराने वाली पुलिस व्यवस्था पर नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत रंगरा थाने से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रंगरा थाने में पदस्थापित एक निजी (प्राइवेट) कंप्यूटर ऑपरेटर पंकज कुमार से जुड़ा कथित शराब के लेन-देन का एक सनसनीखेज ऑडियो बुधवार को विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से वायरल हो गया।
इस वायरल ऑडियो क्लिप में एक व्यक्ति विदेशी शराब के नामचीन ब्रांडों का उल्लेख करते हुए उनकी खेप को सीधे रंगरा थाने के समीप पहुंचाने की बातचीत करता सुनाई दे रहा है।हालांकि, यह स्पष्ट किया जाता है कि इस वायरल ऑडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की कोई स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जब्त शराब बेचने और पैसे की मांग का आरोप
पुलिसिया गलियारों से छनकर आ रही जानकारियों के अनुसार, थाने में जब्त कर रखी गई शराब को गुप्त रूप से निकालकर एक युवक को बेचने और उससे वसूली करने की जिम्मेदारी कथित रूप से उक्त ऑपरेटर के पास थी। बाद में जब संबंधित युवक को पूरी खेप नहीं मिली, तो माल अथवा उसके एवज में बकाया रुपयों के भुगतान को लेकर दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। वायरल हो रहे संवाद में रात के सन्नाटे में थाने के आसपास शराब की सुरक्षित आपूर्ति (सप्लाई) सुनिश्चित करने जैसे आपत्तिजनक दावे किए जा रहे हैं।
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नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत रंगरा थाने में कार्यरत प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर पंकज कुमार से जुड़ा कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित
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वायरल ऑडियो में विदेशी शराब के ब्रांड्स का नाम लेकर रंगरा थाने के निकट डिलीवरी देने व पैसे के लेन-देन की बात होने का दावा
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पूर्व में जब्त शराब के विनष्टीकरण और कथित रूप से माल गायब कर बेचने को लेकर स्थानीय स्तर पर खड़े हो रहे हैं सवाल
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पुलिस सूत्रों के अनुसार दो अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की भी चर्चा; अधिकारिक पुष्टि व निष्पक्ष जांच का इंतजार
मालखाने व विनष्टीकरण की प्रक्रिया पर फिर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि रंगरा थाने में इससे पूर्व भी समय-समय पर जब्त की जाने वाली अवैध शराब के भंडारण और प्रशासनिक विनष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया को लेकर तरह-तरह के सवाल उठते रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्या मालखाने से शराब की बोतलें गायब कर इस तरह का समानांतर सिंडिकेट चलाया जा रहा था? हालांकि, इन सभी गंभीर आरोपों की फिलहाल कोई आधिकारिक या कानूनी पुष्टि नहीं हो सकी है। सूत्रों का यह भी दावा है कि इस पूरे खेल में थाने के दो अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है, जिनकी कार्यप्रणाली पर भी अंदरखाने चर्चाएं गर्म हैं।
थानाध्यक्ष से संपर्क नहीं, जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले पर पक्ष जानने के लिए रंगरा थानाध्यक्ष से दूरभाष पर संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क स्थापित नहीं हो सका। फिलहाल ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज की तकनीकी फोरेंसिक जांच, संबंधित व्यक्ति की शिनाख्त और कथित अवैध लेन-देन के वास्तविक तथ्यों की पड़ताल के बाद ही मामले की सही तस्वीर साफ हो पाएगी। अब नवगछिया पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण को लेकर क्या विभागीय जांच बिठाता है और दोषियों पर क्या कानूनी शिकंजा कसता है, इस पर पूरे जिले की निगाहें टिकी हुई हैं।
