Viral Video : चाय की दुकान आमतौर पर सड़क किनारे या बाजार में नजर आती है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर में चाय का ऐसा अड्डा दिखाई दिया, जिसे देखकर लोग पहली नजर में हैरान रह गए. दुकान किसी सड़क या गली में नहीं, बल्कि एक घर की तीसरी मंजिल की छत पर बनी नजर आ रही है.
चाय भारत में सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि लोगों के मिलने और बातचीत करने का बहाना भी है. सुबह की शुरुआत हो या शाम की थकान, चाय की चुस्की के लिए लोग अक्सर आसपास की छोटी-सी दुकान तलाश लेते हैं. लेकिन अगर यही चाय की दुकान सड़क से कई फीट ऊपर किसी घर की छत पर मिल जाए तो बात थोड़ी अलग जरूर हो जाती है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है. एक घर के सबसे ऊपर की छत पर टीन की छत लगाकर छोटी सी दुकान बनाई गई है. बाहर एक बोर्ड लगा है, जिस पर बड़े अक्षरों में ‘छत वाली चाय की दुकान’ लिखा नजर आता है.
तीसरी मंजिल की छत पर खुली चाय की दुकान
दुकान को देखने पर लगता है कि इसे सिर्फ चाय बेचने के लिए नहीं, बल्कि एक छोटे से बैठने वाले अड्डे की तरह भी तैयार किया गया है. अंदर चाय बनाने का सामान दिखाई देता है और कुछ लोग वहां खड़े होकर बातचीत करते नजर आते हैं.
इस दुकान के बोर्ड पर चाय की अलग-अलग वैरायटी के साथ कॉफी का भी जिक्र दिखाई देता है. मसाला चाय और दूध वाली चाय देखकर लगता है कि यहां चाय के शौकीनों के लिए कुछ अलग-अलग पसंद का इंतजाम किया गया है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि सड़क से गुजरने वाले लोगों को दुकान तक पहुंचने के लिए ऊपर जाना पड़ता होगा. सामान्य तौर पर दुकानदार ऐसी जगह तलाशते हैं जहां ज्यादा से ज्यादा ग्राहक आसानी से पहुंच सकें, लेकिन इस दुकान ने इस सोच को ही थोड़ा अलग अंदाज दे दिया है.
इंटरनेट पर हो रही वीडियो वायरल
इस अनोखी तस्वीर को इंस्टाग्राम पर @story78 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स इसके नाम और लोकेशन को लेकर उत्सुक नजर आ रहे हैं. कई लोगों को छत की खाली जगह का इस तरह इस्तेमाल करने का आइडिया काफी दिलचस्प लग रहा है.
हालांकि तस्वीर के आधार पर दुकान की सटीक लोकेशन या इसके पीछे की पूरी कहानी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. यह खबर भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध वायरल जानकारी पर आधारित है. न्यूज18 इस वीडियो से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है. इसलिए इसे लेकर किए जा रहे किसी भी अतिरिक्त दावे को तस्वीर से अलग मानना जरूरी है.
