Home Viralसुपुर्दे खाक से पहले भी इम्तिहान, जनाजा लेकर उफनती नदी से गुजरे लोग, उमरिया के कंचनपुर से सामने आया भयावह मंजर – kanchanpur–procession-deep-river-crossing-viral-video

सुपुर्दे खाक से पहले भी इम्तिहान, जनाजा लेकर उफनती नदी से गुजरे लोग, उमरिया के कंचनपुर से सामने आया भयावह मंजर – kanchanpur–procession-deep-river-crossing-viral-video

by BollywoodNewsAndMovie


मुजीबुर्रहमान की मौत के बाद परिवार उन्हें सम्मान से आखिरी विदाई देना चाहता था, लेकिन कब्र तक पहुंचने के रास्ते में 4 फीट गहरी उफनती नदी खड़ी थी। आंसुओं के बीच लोगों ने जनाजा कंधों पर उठाया और तेज धार में उतर गए। उमरिया के कंचनपुर की यह तस्वीर उस दर्द को दिखाती है, जहां अंतिम विदाई भी जान जोखिम में डालकर देनी पड़ी।

हाइलाइट्स

  • 4 फीट गहरे पानी में जनाजा लेकर नदी पार करते दिखे ग्रामीण
  • कब्रिस्तान नदी के दूसरी ओर, बारिश में बढ़ जाता है पानी का बहाव
  • ग्रामीणों का दावा रपटा या पुल की मांग लंबे समय से लंबित
Umaria kanchanpur Janaja
4 फीट गहरी नदी में जनाजा लेकर उतरे लोग, आखिरी सफर बना इम्तिहान
उमरिया: इंसान की जिंदगी में तकलीफें भले पीछा न छोड़ें, लेकिन दुनिया से जाने के बाद उसकी ‘अंतिम यात्रा’ सम्मानजनक होनी चाहिए। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से आई एक खौफनाक और झकझोर देने वाली तस्वीर ने प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत का सच सामने ला दिया है। यहाँ एक परिवार को अपने परिजन के जनाजे को कब्रिस्तान तक पहुँचाने के लिए 4 से 5 फीट गहरी उफनती नदी के तेज बहाव में उतरना पड़ा।

जानकारी अनुसार उमरिया के कंचनपुर में एक परिवार को अपने परिजन के जनाजे के लिए भी उफनती नदी से जूझना पड़ा। कब्रिस्तान नदी के दूसरी तरफ है, इसलिए 3 से 4 फीट गहरे पानी और तेज बहाव के बीच लोगों ने जनाजा कंधों पर उठाकर नदी पार कराई। वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षित रास्ते की जरूरत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

कंधों पर जनाजा, सामने उफनती नदी

करकेली जनपद पंचायत क्षेत्र के कंचनपुर गांव में मंगलवार को पीपल चौक निवासी मुजीबुर्रहमान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बुधवार को उनका जनाजा कब्रिस्तान ले जाने की बारी आई तो रास्ते में नदी खड़ी थी।
कब्रिस्तान नदी के दूसरी ओर होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों को पानी में उतरना पड़ा। करीब 4 से 5 फीट गहरे पानी और तेज बहाव के बीच जनाजा कंधों पर लेकर नदी पार कराया गया।

वायरल वीडियो ने दिखाया जमीनी सच

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें ग्रामीण तेज बहाव के बीच जनाजा लेकर नदी पार करते नजर आ रहे हैं। पानी की गहराई और बहाव के कारण कई लोग नदी पार नहीं कर सके और अंतिम विदाई में शामिल होने से रह गए। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान यह समस्या लगातार गंभीर हो जाती है।

सिर्फ जनाजा नहीं, रोजमर्रा की भी परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर सुरक्षित रपटा या पुल नहीं होने से परेशानी सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। बारिश में आवागमन प्रभावित होता है और बच्चों, बुजुर्गों तथा मरीजों को भी नदी पार करने में जोखिम उठाना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक नदी पर सुरक्षित रास्ते की मांग कई बार प्रशासन के सामने रखी जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ।

वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल

  • कब बनेगा नदी पर सुरक्षित रपटा या पुल
  • बारिश में ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक रास्ता क्यों नहीं
  • पहले की गई मांगों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई
  • कब खत्म होगी नदी पार करने की मजबूरी

Navbharat Timesबांहों की सू मर जाऊंगी…, बालम लायो मेरो फॉर्च्यूनर…फूहड़ गानों पर छात्राओं ने जमकर लचकाई कमरिया, वीडियो वायरल होते ही बढ़ा विवादकंचनपुर का यह वीडियो सिर्फ एक अंतिम यात्रा की तस्वीर नहीं, बल्कि बरसात में ग्रामीण कनेक्टिविटी की चुनौती भी सामने लाता है। ग्रामीणों की मांग है कि नदी पर स्थायी और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम सफर के लिए भी जान जोखिम में न डालनी पड़े।

चैतन्य सोनी

लेखक के बारे मेंचैतन्य सोनीचैतन्य दास सोनी, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसलटेंट राइटर (Consultant Writer) हैं। वे मध्य प्रदेश—छत्तीसगढ़ डेस्क पर कार्यरत हैं। उन्हें न्यूज एजेंसी, अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, मैगजीन में काम करने का 23 साल का लंबा अनुभव है। उन्होंने बतौर रिपोर्टर, सीनियर रिपोर्टर, सब एडिटर के तौर पर फील्ड और डेस्क पर काम किया है। चैतन्य ने सितंबर 2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। वे मध्य प्रदेश की राजनीति, ऑफ बीट खबरों, ब्रेकिंग, करंट अफेयर, लीक से हटकर, मौसम, स्पेशल स्टोरी सहित तमाम विषयों पर खबरों को कवर करते हैं। ​हेल्थ फील्ड में उन्होंने लैंडमार्क स्टोरी की हैं।
शैक्षणिक योग्यता एवं उपलब्धियां
चैतन्य सोनी ने सागर, मप्र स्थित प्रतिष्ठित डॉ. हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी से साल 1998—99 में एम.काम किया था। इसके बाद उन्होंने साल 2001—02 में बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) डिग्री तथा साल 2002—03 में मास्टर और कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MCJ) में डिग्री हासिल की थी। उन्होंने सागर नगर के भीषण जलसंकट पर दो शोधपत्र भी लिखे हैं।
अवॉर्ड/अचीवमेंट्स
मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठित ‘संविधान विकास संवाद संस्था’ द्वारा साल 2024—25 में ‘संवैधानिक मूल्यों’ पर आधारित फैलोशिप प्राप्त की है।
बुंदेलखंड का प्रतिष्ठित ‘भोलाराम भारतीय पत्रकारिता पुरस्कार’ एवं ‘पं. हरिवल्लभ सिलाकारी पत्रकारिता पुरस्कार’
साल 2012 में प्रसिद्ध ‘डेल कार्नेगी संस्था’ से भोपाल में ‘राइजिंग टू द नेक्स्ट लेवल’ (Rising To The Next Level) ट्रेनिंग सर्टिफिकेट किया है।
बेस्ट रिपोर्टिंग पुरस्कार, दैनिक भास्कर सागर एडिशन द्वारा प्रदान किया गया।
पत्रकारिता में अनुभव और सफर
चैतन्य सोनी, ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरूआत साल 2001—02 में यूनिवार्ता में ट्रेनी जर्नलिस्ट के तौर पर की थी। उन्होंने देशबंधु अखबार के भोपाल एडिशन में बतौर सब एडिटर सेवाएं दी। उन्होंने दिल्ली ​में एनएनआई न्यूज एजेंसी में सब एडिटर, शाह टाइम्स में विशेष संवाददाता के तौर पर काम किया। दैनिक जागरण भोपाल, झांसी एडिशन में रिपोर्टर, न्यूज—24 न्यूज चैनल, फिर राज एक्सप्रेस अखबार में संवाददाता के रूप में काम किया। साल 2010 में उन्होंने दैनिक भास्कर, सागर एडिशन में बतौर सब ​एडिटर/सीनियर रिपोर्ट के तौर पर काम किया। पत्रिका अखबर के सागर एडिशन में सीनियर रिपोर्टर, नवदुनिया बुंदेलखंड एडिशन में सीनियर रिपोर्टर, काम किया। इनके अलावा शुक्रवार मैगजीन, सीनियर इंडिया पत्रिका में बुंदेलखंड/एमपी से स्टोरी की हैं। साल 2022 से डिजीटल मीडिया ज्वाइन किया और द पीएम टाइम्स, वन इंडिया हिन्दी.कॉम व डेली नेशनल टाइम्स सहित अन्य डिजीटल प्लेटफॉर्म पर काम किया है। सितंबर 2025 में नवभारत टाइम्स.कॉम से जुड़े हैं।
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