सतना जिले के शासकीय हाईस्कूल कामता टोला में स्कूल परिसर से किताब-कॉपियां बेचे जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल परिसर के भीतर ही ई-रिक्शा में किताब-कॉपियां लोड किए जाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
छुट्टी पर थीं प्राचार्य, प्रभारी प्राचार्य ने कर दिया कारनामा
जानकारी के मुताबिक, यह घटना 17 जुलाई की बताई जा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग नींद से जागा और सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। खास बात यह है कि जब इस पूरी कारगुजारी को अंजाम दिया गया, तब नियमित प्राचार्य रश्मि भटनागर छुट्टी पर थीं। उस दौरान संगीता जैन प्रभारी प्राचार्य के पद पर थीं। आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर प्रभारी प्राचार्य ने स्कूल की किताबों-कॉपियों को कथित तौर पर ठिकाने लगा दिया।
शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई, नोटिस जारी कर मांगा जवाब
ई-रिक्शा में कथित तौर पर लोड हो रही किताब-कॉपियों का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सोहावल आयुषी अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।
जांच समिति में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घूरडांग के प्राचार्य राजकुमार पांडेय और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुमकहर के प्राचार्य संजय श्रीवास्तव को शामिल किया गया है। मामले की जांच कर रही अधिकारियों की टीम ने स्कूल की प्रभारी प्राचार्य संगीता जैन को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर स्पष्ट जवाब और सभी संबंधित अभिलेख पेश करने के निर्देश दिए हैं।
प्रभारी प्राचार्य से पूछे गए सवाल
जांच दल द्वारा प्रभारी प्राचार्य संगीता जैन को जारी किए गए नोटिस में कई बिंदु रखे गए हैं और प्राचार्य से सवालों के जवाब मांगे गए हैं। पदभार की जानकारी के साथ प्रभारी प्राचार्य से यह भी पूछा गया है कि वे विद्यालय में कब से पदस्थ हैं और उनका मूल पद क्या है? उन्होंने सामग्री की बिक्री की अनुमति किससे और कब ली? क्या उन्होंने विद्यालय की सामग्री बेचने या किसी व्यक्ति को देने के कोई निर्देश दिए थे? यदि सामग्री दी गई, तो क्या सक्षम स्तर से अनुमति ली गई थी और नियमों का पालन हुआ?
खरीदार का सुराग नहीं
कथित घटना की तारीख, उस वक्त स्कूल में प्राचार्य की मौजूदगी और सामग्री खरीदने वाले व्यक्ति (खरीदार) का नाम, पता व मोबाइल नंबर मांगा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला पुलिस थाने भी जा सकता है। हालांकि, शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने अभी तक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
ये भी पढ़ें- पन्ना में चमकी महिला की किस्मत: रातोंरात बनी लखपति, एक साथ मिले चार हीरे; कुल वजन पांच कैरेट से ज्यादा
लेन-देन और खाते का हिसाब
स्कूल से बेची गई सामग्री का पूरा ब्यौरा, वह किस कक्ष में रखी थी, उसके लिए कोई टेंडर या विज्ञापन जारी हुआ था या नहीं और राशि किस खाते में जमा की गई, इन सबकी जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी संबंधित दस्तावेजों को दो दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जा सके।
