बरेली। नीट यूजी काउंसलिंग 2026 में कटऑफ पर्सेंटाइल कम करने के नाम पर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक आदेश के फर्जी होने की आशंका है। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पांडेय ने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
बताया कि वायरल पत्र की प्रामाणिकता पर सवाल हैं और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) की आधिकारिक वेबसाइट पर भी ऐसा कोई नया आदेश दिखाई नहीं दे रहा है। वायरल पत्र में पत्रांक रेफ. U-12021/05/2024-MEC और तारीख 12 अक्तूबर 2026 दर्ज है। इसमें राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से परामर्श के बाद नीट यूजी 2026 सत्र के लिए सामान्य और ईडब्ल्यूएस श्रेणी का कटऑफ 15 पर्सेंटाइल, एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग श्रेणियों का कटऑफ 10 पर्सेंटाइल कम करने का दावा है।
चार जनवरी 2025 को नीट पीजी काउंसलिंग 2024 के संबंध में पत्र जारी होने की जानकारी है। ऐसे में एक ही पत्रांक से अलग-अलग वर्षों के लिए आदेश जारी होने के दावे की जांच जरूरी है। एमसीसी, एनएमसी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है।
पत्र से भ्रम की स्थिति, अधिकारिक पुष्टि जरूरी
डॉ. पांडेय ने कहा कि नीट यूजी 2026-27 सत्र की काउंसलिंग के दौरान ऐसे पत्र से अभ्यर्थी भ्रमित हो सकते हैं। छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर आदेशों की पुष्टि या एमसीसी की हेल्पलाइन 7824848020 पर संपर्क कर जानकारी करने की सलाह दी है। किसी वायरल पत्र या सोशल मीडिया संदेश के आधार पर काउंसलिंग से जुड़ा निर्णय न लेने को कहा है।
