रियालिटी शो ‘बिग बॉस’ का मंच केवल खेल और रणनीतियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह कई बार कलाकारों के जीवन के व्यक्तिगत और अनछुए पहलुओं को भी सामने लाता है। ‘बिग बॉस 20’ के हालिया एपिसोड में टीवी जगत की मशहूर अभिनेत्री माही विज अपने जीवन के एक बेहद भावुक दौर को बयां करते हुए रो पड़ीं।
साथी प्रतियोगियों के साथ बातचीत के दौरान माही ने अपनी बेटी तारा के पालन-पोषण, एक सिंगल मदर के रूप में रोजाना के संघर्षों और पूर्व पति जय भानुशाली से तलाक के दौरान एलिमनी न लेने के स्वाभिमानी फैसले पर खुलकर बात की।
अरीफा खान के साथ विवाद के बाद छलका दर्द
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब शो के दौरान माही विज और अरीफा खान के बीच तीखी बहस हो गई। काज़ी तौकीर के साथ हुई एक फाइट में माही द्वारा अरीफा के पालन-पोषण पर की गई टिप्पणी के बाद अरीफा आहत नज़र आईं और उन्होंने माही को उनकी मां का नाम घसीटने पर आड़े हाथों लिया। इस कहासुनी के बाद माही काफी तनाव में आ गईं।
इसके बाद जब माही आसिफ खान और ‘YUNG DSA’ के साथ बैठीं, तो वह अपने आंसुओं को रोक नहीं सकीं। अपनी बेटी तारा का जिक्र करते हुए माही बेहद भावुक हो गईं और उन्होंने बताया कि उनकी पूरी जिंदगी सिर्फ और सिर्फ उनकी बच्ची के इर्द-गिर्द घूमती है।
अदालत में जज ने 4 बार पूछा, लेकिन मैंने मना कर दिया
बातचीत के दौरान माही ने उस वक्त का खुलासा किया जब तलाक की प्रक्रिया के दौरान अदालत में उनके सामने एलिमनी का प्रस्ताव रखा गया था। माही ने साझा किया, मैं एक सिंगल मदर हूं और मैं अच्छी तरह जानती हूं कि मेरा हर दिन कैसे बीतता है। जय मुझसे अक्सर कहते हैं कि मुझे बाहर जाना चाहिए और अपनी जिंदगी जीनी चाहिए। वह कहते हैं कि ‘तुम कहीं नहीं जाती, सिर्फ तारा के लिए घर पर बैठी रहती हो।’ लेकिन मेरी पूरी दुनिया मेरी बच्ची ही है।
माही ने आगे कहा, क्या आप जानते हैं? मैंने तलाक के वक्त एक रुपया भी एलिमनी के रूप में नहीं लिया। मैं जो कुछ भी कर रही हूं, अपनी मेहनत से कर रही हूं ताकि मेरी बेटी का भविष्य सुरक्षित रहे। अदालत में सुनवाई के दौरान जज ने मुझसे चार बार पूछा कि क्या मैं एलिमनी लेना चाहती हूं, लेकिन मैंने हर बार साफ मना कर दिया।
पूर्व पति जय भानुशाली की मेहनत का किया सम्मान
माही ने यह भी स्पष्ट किया कि एलिमनी न लेने का फैसला जय द्वारा सहायता न देने के कारण नहीं था, बल्कि वह जय की कड़ी मेहनत का सम्मान करती हैं। माही ने जय की सराहना करते हुए कहा, ऐसा नहीं है कि उन्होंने मुझे कुछ भी देने से मना किया हो। सच तो यह है कि उनका पूरा लॉकर मेरे लिए हमेशा खुला रहा है। लेकिन मुझे लगता है कि वह पैसा उनकी गाढ़ी कमाई का है। मैंने जय को सेट पर 16-16 घंटे खड़े रहकर पसीना बहाते देखा है। वह पैसा उनकी मेहनत का है और मैं किसी और की मेहनत पर अपना हक नहीं जमाना चाहती।
स्वाभिमान और खुदमुख्तारी की मिसाल
अपनी वित्तीय स्वतंत्रता पर जोर देते हुए माही ने कहा कि वह किसी के आगे हाथ फैलाने में विश्वास नहीं रखतीं। भले ही एक सिंगल मदर के रूप में बच्चे की परवरिश करना आसान नहीं होता, लेकिन आत्मनिर्भर रहकर अपनी बेटी को सुरक्षित भविष्य देना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है।
