जम्मू-कश्मीर में एक वरिष्ठ IAS अधिकारी और महिला JKAS अधिकारी के बीच हुई बहस का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. वायरल वीडियो में वरिष्ठ IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन महिला अधिकारी बीनिश वानी को कथित तौर पर गाली देते और उन्हें सस्पेंड करने का आदेश देते नजर आ रहे हैं. वीडियो को 14 अक्टूबर को श्रीनगर के सिविल सचिवालय में हुई ‘मिशन युवा’ की समीक्षा बैठक का बताया जा रहा है. हालांकि, कुमार राजीव रंजन ने वीडियो को मॉर्फ्ड यानी छेड़छाड़ करके बनाया गया या AI से तैयार किया गया बताया है.
इस मामले में JKAS फ्रेटरनिटी ने भी नाराजगी जताई है. संगठन ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित महिला अधिकारी को बदले की कार्रवाई से बचाने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है.
मिशन युवा की बैठक में कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के मुताबिक, 14 अक्टूबर को श्रीनगर के सिविल सचिवालय में श्रम एवं रोजगार विभाग के ‘मिशन युवा’ कार्यक्रम की समीक्षा बैठक रखी गई थी. बैठक दोपहर 3 बजे तय थी और इसकी अध्यक्षता प्रशासनिक सचिव कर रहे थे. इसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग-अलग जिलों में इस योजना से जुड़े अधिकारी भी शामिल हुए थे.
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बैठक के दौरान असिस्टेंट डायरेक्टर बीनिश वानी ने योजना को लागू करने में नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (NRLM) की भूमिका और काम के समन्वय में आ रही परेशानियों का मुद्दा उठाया. इसी बात को लेकर कुमार राजीव रंजन और बीनिश वानी के बीच बहस शुरू हो गई.
रंजन ने सवाल उठाया कि विभाग को अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए किसी दूसरी एजेंसी पर निर्भर रहने की क्या जरूरत है. उनका कहना था कि NRLM केवल सहयोग करने वाली एजेंसी है, न कि योजना को लागू करने की मुख्य जिम्मेदार संस्था.
महिला अधिकारी को बार-बार चुप रहने के लिए कहा
वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली बातचीत के मुताबिक, बीनिश वानी ने NRLM की भूमिका को लेकर विभाग का पक्ष समझाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि NRLM मुख्य प्राधिकरण नहीं है, लेकिन कामकाज में अधिकारियों की मदद के लिए उसकी भूमिका जरूरी है.
हालांकि, आरोप है कि कुमार राजीव रंजन ने उनकी बात पूरी नहीं सुनी और बार-बार चुप रहने के लिए कहा. वीडियो में उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, “चुप रहो! चुप रहो!” “बस चुप रहो!”
इस पर बीनिश वानी ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है और अगर इसी तरह चिल्लाया जाता रहा, तो वह अपना पक्ष नहीं रख पाएंगी. इसके बाद दोनों अधिकारियों के बीच बहस और तेज हो गई.
वीडियो में बहस के दौरान कुमार राजीव रंजन को महिला अधिकारी से कहते हुए बताया जा रहा है, “कोई सफाई मत दो!” इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर कहा, “मैडम, चुप बैठती हो या नहीं?” इस पर बीनिश वानी ने जवाब दिया, “मैं चुप नहीं बैठूंगी, क्योंकि मुझे अपनी बात रखनी है.”
इसके बाद बातचीत कामकाज से जुड़े मुद्दे से आगे बढ़कर व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई. वीडियो में रंजन को महिला अधिकारी से यह कहते हुए बताया गया है, “तुम बिल्कुल बकवास (shit) हो! मैं तुमसे हमेशा इसी तरह बात कर सकता हूं.” इस पर बीनिश वानी ने जवाब दिया, “नहीं, आप मुझे बकवास नहीं कह सकते.”
इसके बाद रंजन ने कथित तौर पर कहा, “मैं तुम्हारा बॉस हूं, बेवकूफ.” महिला अधिकारी ने फिर दोहराया कि वह उन्हें ‘बकवास’ नहीं कह सकते.
तुरंत सस्पेंशन का आदेश तैयार करने को कहा
बहस बढ़ने के बाद कुमार राजीव रंजन ने अपने कमरे में मौजूद अधिकारियों को बीनिश वानी के निलंबन का आदेश तुरंत तैयार करने के निर्देश दिए. वीडियो में उन्हें कथित तौर पर यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि निलंबन के प्रस्ताव में महिला अधिकारी के जवाब को दर्ज किया जाए, क्योंकि उन्होंने दूसरे अधिकारियों की मौजूदगी में इस तरह बात की थी.
उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को पत्र लिखने के लिए भी कहा. वीडियो में रंजन को यह कहते हुए बताया गया है, “इसे तुरंत सस्पेंड करो और GAD को लिखो कि इसे नौकरी से निकाल दिया जाए!” “सेवा से बर्खास्त!” उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा, “सिविल सेवा नियमों के तहत इससे बड़ी कोई सजा नहीं हो सकती.”
हालांकि, इस मामले में वायरल वीडियो में दिखाई गई बातचीत और आरोपों के आधार पर ही पूरी घटना का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. वीडियो की प्रामाणिकता और घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच इस विवाद में अहम होगी.
IAS अधिकारी ने वीडियो को बताया मॉर्फ्ड या AI से बना
इस मामले में जब कुमार राजीव रंजन से संपर्क किया गया, तो उन्होंने वीडियो को मॉर्फ्ड यानी छेड़छाड़ करके बनाया गया या AI से तैयार किया गया बताया. इस तरह वीडियो की वास्तविकता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
दूसरी ओर, JKAS फ्रेटरनिटी ने वीडियो को फर्जी बताने के कथित दावे पर सवाल उठाए हैं. संगठन का कहना है कि संबंधित अधिकारी और मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, वीडियो असली है. ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग की जा रही है.
बीनिश वानी छुट्टी पर थीं, सामने आई अर्जी
इस विवाद के बीच महिला अधिकारी की छुट्टी को लेकर भी जानकारी सामने आई है. आयुक्त ने बताया कि गांदरबल के उपायुक्त से मिली जानकारी के मुताबिक, बीनिश वानी 13 अक्टूबर से छुट्टी पर थीं. इसके लिए उन्होंने संयुक्त निदेशक (रोजगार, कश्मीर संभाग, श्रीनगर) को छुट्टी की अर्जी दी थी. इसमें 13 अक्टूबर से 22 अक्टूबर 2026 तक मेडिकल आधार पर 10 दिनों की अर्न्ड लीव मांगी गई थी.
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस अर्जी पर सक्षम प्राधिकारी की ओर से छुट्टी मंजूर किए जाने की पुष्टि नहीं हुई थी. इस मामले में ‘कश्मीर डॉट कॉम’ ने बीनिश वानी का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया और व्हाट्सएप संदेश भेजे, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला.
JKAS फ्रेटरनिटी ने की निष्पक्ष जांच की मांग
महिला अधिकारी के कथित सार्वजनिक अपमान को लेकर JKAS फ्रेटरनिटी ने कड़ी नाराजगी जताई है. संगठन ने कहा कि 14 अक्टूबर को श्रीनगर के सिविल सचिवालय में हुई मिशन युवा की वर्चुअल समीक्षा बैठक के दौरान 2015 बैच की वरिष्ठ महिला JKAS अधिकारी के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई.
फ्रेटरनिटी ने साफ कहा कि अधिकारियों से कामकाज का हिसाब लेना और उनकी जवाबदेही तय करना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना या किसी को डराना-धमकाना सही नहीं है.
संगठन ने वीडियो को AI से बनाया गया या फर्जी बताए जाने के कथित दावे पर भी सवाल उठाए. उसने उपराज्यपाल, मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से घटना के साथ-साथ विभाग की ओर से जारी स्पष्टीकरण की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
इसके अलावा, संगठन ने संबंधित महिला अधिकारी को किसी भी तरह की बदले की कार्रवाई से सुरक्षा देने और कार्यस्थल पर डराने-धमकाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की अपील की है.
पहले भी विवादों में रहे हैं कुमार राजीव रंजन
कुमार राजीव रंजन का नाम पहले भी एक बड़े विवाद में सामने आ चुका है. हजारों अवैध हथियार लाइसेंस जारी करने के मामले में कथित संलिप्तता को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार ने उन्हें गिरफ्तार किया था और निलंबित कर दिया था. फरवरी 2021 में उन्हें फिर से बहाल कर दिया गया. दिसंबर 2024 के आखिर में केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों के तहत इस मामले में CBI को उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी.
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अक्टूबर 2026 में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद उनकी कुछ आधिकारिक जिम्मेदारियां भी वापस ले ली गईं. इनमें राजस्व विभाग के प्रशासनिक प्रभाग का अतिरिक्त प्रभार शामिल बताया गया है. वह राजस्व, कौशल विकास और श्रम एवं रोजगार जैसे विभागों में सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं.
फिलहाल, महिला अधिकारी से कथित बदसलूकी का यह मामला वीडियो की प्रामाणिकता, प्रशासनिक व्यवहार और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर चर्चा में है. अब इस पूरे विवाद में निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्थिति और साफ हो सकेगी.
