Drishyam 3: The Conclusion Box Office: अजय देवगन और तब्बू की मिस्ट्री थ्रिलर ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन‘ बॉक्स ऑफिस पर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। रिलीज के तीसरे हफ्ते में पहुंचने के बावजूद फिल्म की कमाई में उतार-चढ़ाव जारी है। सोमवार को कलेक्शन गिरने के बाद मंगलवार को फिल्म ने शानदार वापसी की। Sacnilk के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 20 अक्टूबर को फिल्म ने भारत में 6.15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया, जो पिछले दिन की कमाई से करीब 75.7 फीसदी ज्यादा है। वहीं, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 556.22 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
घरेलू बाजार में भी फिल्म का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है और दर्शकों की दिलचस्पी बरकरार है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि तीसरे हफ्ते में फिल्म की कमाई किस रफ्तार से आगे बढ़ती है और क्या यह आने वाले दिनों में बॉक्स ऑफिस पर अपना दबदबा कायम रख पाएगी।
तीसरे मंगलवार कमाई में 75.7 फीसदी की बढ़ोतरी
फिल्म ने सोमवार, 19 अक्टूबर को 3.50 करोड़ रुपये कमाए थे। मंगलवार को यह आंकड़ा बढ़कर 6.15 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह एक दिन में कमाई में करीब 75.7 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। मंगलवार को फिल्म के 4,694 शो दिखाए गए और हिंदी 2D शोज की कुल ऑक्यूपेंसी 41.37 फीसदी रही। शाम के शो में सबसे ज्यादा 44.15 फीसदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई।
पहले हफ्ते में ही छापे थे 245 करोड़ रुपये
2 अक्टूबर को रिलीज हुई फिल्म ने पहले दिन 62 करोड़ रुपये की कमाई के साथ शानदार शुरुआत की थी। पहले रविवार को भी फिल्म ने 61 करोड़ रुपये बटोरे। पहले हफ्ते का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 245.50 करोड़ रुपये रहा। दूसरे हफ्ते में कमाई की रफ्तार धीमी हुई और फिल्म ने 87.50 करोड़ रुपये जोड़े। तीसरे वीकेंड पर फिल्म ने फिर रफ्तार पकड़ी। शनिवार को 5 करोड़ और रविवार को 6.25 करोड़ रुपये की कमाई हुई। सोमवार की गिरावट के बाद मंगलवार का उछाल फिल्म के लिए राहत भरा रहा।
भारत से विदेश तक फिल्म का शानदार कारोबार
Sacnilk के अनुसार, फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 357 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि भारत में ग्रॉस कलेक्शन 427.72 करोड़ रुपये है। विदेशी बाजारों से मंगलवार को करीब 75 लाख रुपये मिले। इसके साथ ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 128.50 करोड़ रुपये हो गया। घरेलू और विदेशी कमाई मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस 556.22 करोड़ रुपये है।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म में विजय सालगांवकर एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर है। मीरा देशमुख बदले की भावना के साथ लौटती है, जबकि क्राइम ब्रांच का एक नया अधिकारी विजय के अलिबाई और उसकी रणनीतियों को चुनौती देता है। कहानी का रोमांच इसी सवाल पर टिका है कि क्या विजय इस बार भी कानून को मात दे पाएगा या उसकी बनाई योजना का पर्दाफाश हो जाएगा।
